110 जगहों पर लगा अपहृत भाई-बहन का पोस्टर, पीड़ित परिवार की पुरानी दुश्मनी खंगाल रही पुलिस

110 जगहों पर लगा अपहृत भाई-बहन का पोस्टर, पीड़ित परिवार की पुरानी दुश्मनी खंगाल रही पुलिस

धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी मल्लार कोचा स्थित घर से अपहृत नाबालिग भाई-बहन का सोमवार को भी सुराग नहीं मिला। पुलिस ने अब अपहृत नाबालिग भाई-बहन का सोमवार को 110 से ज्यादा जगहों पर पोस्टर लगाए हैं, ताकि कुछ जानकारी मिल सके। इसके अलावा पीड़ित पिता सुनील कुमार व उसके परिवार वालों का पुलिस ने अब पुरानी दुश्मनी भी खंगालना शुरू कर दिया है। बिहार के पटना स्थित मनेर थाने से संपर्क किया गया है। पुलिस जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि वहां पीड़ित पिता का कुछ लोगों से वर्ष 2023 में विवाद हुआ था, जिसके बाद इनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। ऐसे में पुलिस अब इस एंगल से भी जांच करना शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि पीड़ित पिता से पुरानी दुश्मनी के बाद ही किसी ने उनके बच्चे का अपहरण किया है। फिलहाल टेक्निकल टीम की मदद से पूरे मामले की जांच की जा रही है। मालूम हो कि शुक्रवार की शाम मल्लार कोचा स्थित अपने घर से 7 साल का अंश कुमार अपनी 6 साल की बहन अंशिका कुमारी के साथ दुकान से चूड़ा व ब्रेड लेने की बात कहकर निकला था। नाबालिग भाई-बहन जब काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने धुर्वा थाने को जानकारी दी गई। अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस तुरंत बच्चे की तलाश शुरू कर दी। 3 दिन बाद भी जब सुराग नहीं मिला तो 51 हजार इनाम की घोषणा की गई। हालांकि, इसके बाद भी अपहृत नाबालिग भाई-बहन की जानकारी नहीं मिली है। पीड़ित पिता सुनील कुमार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि उनके अपहृत बच्चे को ढूंढने में सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। अपहृत बच्चा किसी पूंजीपति का होता तो पुलिस तुरंत उसे बरामद कर लेती। पीड़ित पिता ने यह भी कहा कि पूछताछ व सत्यापन के नाम पर पुलिस िसर्फ लोगों से नाम व उसका पता पूछ रही है। इधर, राजद नेता कैलाश यादव ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। कहा कि अगर अपहृत बच्चे को बरामद नहीं किया गया तो मंगलवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। अपहृत नाबालिग भाई-बहन का 4 दिनों बाद भी सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस जांच तेज कर दी है। एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया है। अलग-दिया है। रांची में रहने वाले वैसे बच्चा चोर का लिस्टिंग किया जा रहा है, जो पहले जेल जा चुका है। बच्चा चोरी के आरोप में पहले इचागढ़ से जेल गया मौसीबाड़ी स्थित मल्लार कोचा निवासी मंद पुरन मलार को पुलिस उसके घर से सोमवार को पकड़ कर 3 घंटे तक थाने में पूछताछ की। हालांकि, कड़ाई से पूछताछ किए जाने के बाद भी वह अपहृत नाबालिग भाई-बहन के बारे में जानकारी नहीं दे पाया। धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी मल्लार कोचा स्थित घर से अपहृत नाबालिग भाई-बहन का सोमवार को भी सुराग नहीं मिला। पुलिस ने अब अपहृत नाबालिग भाई-बहन का सोमवार को 110 से ज्यादा जगहों पर पोस्टर लगाए हैं, ताकि कुछ जानकारी मिल सके। इसके अलावा पीड़ित पिता सुनील कुमार व उसके परिवार वालों का पुलिस ने अब पुरानी दुश्मनी भी खंगालना शुरू कर दिया है। बिहार के पटना स्थित मनेर थाने से संपर्क किया गया है। पुलिस जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि वहां पीड़ित पिता का कुछ लोगों से वर्ष 2023 में विवाद हुआ था, जिसके बाद इनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। ऐसे में पुलिस अब इस एंगल से भी जांच करना शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि पीड़ित पिता से पुरानी दुश्मनी के बाद ही किसी ने उनके बच्चे का अपहरण किया है। फिलहाल टेक्निकल टीम की मदद से पूरे मामले की जांच की जा रही है। मालूम हो कि शुक्रवार की शाम मल्लार कोचा स्थित अपने घर से 7 साल का अंश कुमार अपनी 6 साल की बहन अंशिका कुमारी के साथ दुकान से चूड़ा व ब्रेड लेने की बात कहकर निकला था। नाबालिग भाई-बहन जब काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने धुर्वा थाने को जानकारी दी गई। अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस तुरंत बच्चे की तलाश शुरू कर दी। 3 दिन बाद भी जब सुराग नहीं मिला तो 51 हजार इनाम की घोषणा की गई। हालांकि, इसके बाद भी अपहृत नाबालिग भाई-बहन की जानकारी नहीं मिली है। पीड़ित पिता सुनील कुमार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि उनके अपहृत बच्चे को ढूंढने में सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। अपहृत बच्चा किसी पूंजीपति का होता तो पुलिस तुरंत उसे बरामद कर लेती। पीड़ित पिता ने यह भी कहा कि पूछताछ व सत्यापन के नाम पर पुलिस िसर्फ लोगों से नाम व उसका पता पूछ रही है। इधर, राजद नेता कैलाश यादव ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। कहा कि अगर अपहृत बच्चे को बरामद नहीं किया गया तो मंगलवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। अपहृत नाबालिग भाई-बहन का 4 दिनों बाद भी सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस जांच तेज कर दी है। एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया है। अलग-दिया है। रांची में रहने वाले वैसे बच्चा चोर का लिस्टिंग किया जा रहा है, जो पहले जेल जा चुका है। बच्चा चोरी के आरोप में पहले इचागढ़ से जेल गया मौसीबाड़ी स्थित मल्लार कोचा निवासी मंद पुरन मलार को पुलिस उसके घर से सोमवार को पकड़ कर 3 घंटे तक थाने में पूछताछ की। हालांकि, कड़ाई से पूछताछ किए जाने के बाद भी वह अपहृत नाबालिग भाई-बहन के बारे में जानकारी नहीं दे पाया।  

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