सहरसा में 11 घंटे बाद हुआ शव का पोस्टमार्टम:परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाह का आरोप लगाया

सहरसा में 11 घंटे बाद हुआ शव का पोस्टमार्टम:परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाह का आरोप लगाया

सहरसा सदर अस्पताल में एक महिला के शव का पोस्टमार्टम साढ़े 11 घंटे की देरी से हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और स्वीपर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। दैनिक भास्कर की टीम द्वारा परिजनों को सिविल सर्जन से फोन पर शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। दो डॉक्टर सुबह करीब 8:15 बजे पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। मृतका की पहचान सलखुआ थाना क्षेत्र के कोपड़िया वार्ड 13 निवासी धीरेन यादव की 20 वर्षीय पुत्री सुषम कुमारी के रूप में हुई है। पिता धीरेन यादव ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे सुषम घास लेने घर से दो किलोमीटर दूर गई थी। शाम करीब 4 बजे परिजनों को पता चला कि सुषम कुमारी की दाहिनी गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आदेश के बावजूद पोस्टमार्टम नहीं किया गया घटना के बाद रविवार देर शाम 7 बजे एफएसएल टीम और पुलिस जांच के बाद शव को पुलिस अभिरक्षा में सहरसा सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे सहरसा जिलाधिकारी के आदेश पर सदर अस्पताल के चिकित्सक को पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, सोमवार सुबह 8 बजे तक आदेश के बावजूद पोस्टमार्टम नहीं किया गया। परिजनों ने बताया कि रातभर पोस्टमार्टम रूम के बाहर मच्छर काटते रहे और उन्हें लंबे इंतजार के बाद भी सुबह तक पोस्टमार्टम के बाहर बैठना पड़ा। दैनिक भास्कर टीम जब पोस्टमार्टम रूम के समीप पहुंची परिजनों ने आपबीती सुनाई। इसके बाद दैनिक भास्कर ने सिविल सर्जन से परिजनों को बात कराई तो सिविल सर्जन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। डॉक्टरों ने मीडियाकर्मियों को कैमरे बंद करने का भी आदेश दिया परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद को फोन कर पोस्टमार्टम में हो रही देरी की शिकायत की। इसके बाद सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल के प्रबंधक को तत्काल पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन के निर्देश के 15 मिनट के भीतर अस्पताल से दो डॉक्टर, डॉ. प्रभा और डॉ. मधु कृष्ण, शव का पोस्टमार्टम करने के लिए पहुंचे। इस दौरान डॉक्टरों ने मीडियाकर्मियों को कैमरे बंद करने का भी आदेश दिया। सहरसा सदर अस्पताल में एक महिला के शव का पोस्टमार्टम साढ़े 11 घंटे की देरी से हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और स्वीपर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। दैनिक भास्कर की टीम द्वारा परिजनों को सिविल सर्जन से फोन पर शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। दो डॉक्टर सुबह करीब 8:15 बजे पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। मृतका की पहचान सलखुआ थाना क्षेत्र के कोपड़िया वार्ड 13 निवासी धीरेन यादव की 20 वर्षीय पुत्री सुषम कुमारी के रूप में हुई है। पिता धीरेन यादव ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे सुषम घास लेने घर से दो किलोमीटर दूर गई थी। शाम करीब 4 बजे परिजनों को पता चला कि सुषम कुमारी की दाहिनी गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आदेश के बावजूद पोस्टमार्टम नहीं किया गया घटना के बाद रविवार देर शाम 7 बजे एफएसएल टीम और पुलिस जांच के बाद शव को पुलिस अभिरक्षा में सहरसा सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे सहरसा जिलाधिकारी के आदेश पर सदर अस्पताल के चिकित्सक को पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, सोमवार सुबह 8 बजे तक आदेश के बावजूद पोस्टमार्टम नहीं किया गया। परिजनों ने बताया कि रातभर पोस्टमार्टम रूम के बाहर मच्छर काटते रहे और उन्हें लंबे इंतजार के बाद भी सुबह तक पोस्टमार्टम के बाहर बैठना पड़ा। दैनिक भास्कर टीम जब पोस्टमार्टम रूम के समीप पहुंची परिजनों ने आपबीती सुनाई। इसके बाद दैनिक भास्कर ने सिविल सर्जन से परिजनों को बात कराई तो सिविल सर्जन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। डॉक्टरों ने मीडियाकर्मियों को कैमरे बंद करने का भी आदेश दिया परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद को फोन कर पोस्टमार्टम में हो रही देरी की शिकायत की। इसके बाद सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल के प्रबंधक को तत्काल पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन के निर्देश के 15 मिनट के भीतर अस्पताल से दो डॉक्टर, डॉ. प्रभा और डॉ. मधु कृष्ण, शव का पोस्टमार्टम करने के लिए पहुंचे। इस दौरान डॉक्टरों ने मीडियाकर्मियों को कैमरे बंद करने का भी आदेश दिया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *