गिरिडीह जिले के धनवार बाजार में दिनदहाड़े अपराधियों ने बेहद दुस्साहसिक तरीके से लूट की बड़ी घटना को अंजाम दिया। बदमाश खुद को जीएसटी अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर नावाडीह स्टेट बैंक के समीप स्थित हरिहर साव की जेवर दुकान में घुसे। जांच के नाम पर करीब 20 लाख रुपए से अधिक के सोना-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो वाहन से करीब आधा दर्जन अपराधी दुकान पर पहुंचे थे। इनमें कुछ युवक काले कोट-पैंट में थे, जबकि एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नजर आया। दुकान में प्रवेश करते ही उन्होंने रौब झाड़ते हुए खुद को अधिकारी बताया और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी। झांसा देकर अलमारी खुलवाई, बैग में भरे जेवरात अपराधियों ने दुकान के मुख्य कारीगर हरिहर साव को कागजात दिखाने के बहाने अपने झांसे में लिया और अलमारी खुलवाकर उसमें रखे जेवरात की जांच करने का नाटक किया। इसी दौरान उन्होंने चालाकी से महंगे आभूषण एक बैग में भर लिए। पूरी वारदात महज कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई। इसके बाद बदमाशों ने कारीगर को यह कहकर अपने साथ ले लिया कि आगे की पूछताछ के लिए उसे थाने चलना होगा। शक से बचने के लिए उन्होंने पूरी तरह अधिकारी जैसा व्यवहार किया और कारीगर को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर फरार हो गए। बताया जाता है कि अपराधी उसे देवघर की ओर ले गए। देवीपुर स्थित एम्स के पास चलती गाड़ी से धक्का देकर नीचे फेंक दिया। पुलिस जांच में जुटी, व्यापारियों में दहशत का माहौल घटना के बाद घायल कारीगर ने स्थानीय लोगों की मदद से परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही धनवार थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिसमें संदिग्धों की गतिविधियां कैद होने की बात सामने आई है। स्कॉर्पियो वाहन की पहचान करने के साथ विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद धनवार समेत पूरे क्षेत्र के व्यापारियों में भय का माहौल है। गिरिडीह जिले के धनवार बाजार में दिनदहाड़े अपराधियों ने बेहद दुस्साहसिक तरीके से लूट की बड़ी घटना को अंजाम दिया। बदमाश खुद को जीएसटी अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर नावाडीह स्टेट बैंक के समीप स्थित हरिहर साव की जेवर दुकान में घुसे। जांच के नाम पर करीब 20 लाख रुपए से अधिक के सोना-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो वाहन से करीब आधा दर्जन अपराधी दुकान पर पहुंचे थे। इनमें कुछ युवक काले कोट-पैंट में थे, जबकि एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नजर आया। दुकान में प्रवेश करते ही उन्होंने रौब झाड़ते हुए खुद को अधिकारी बताया और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी। झांसा देकर अलमारी खुलवाई, बैग में भरे जेवरात अपराधियों ने दुकान के मुख्य कारीगर हरिहर साव को कागजात दिखाने के बहाने अपने झांसे में लिया और अलमारी खुलवाकर उसमें रखे जेवरात की जांच करने का नाटक किया। इसी दौरान उन्होंने चालाकी से महंगे आभूषण एक बैग में भर लिए। पूरी वारदात महज कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई। इसके बाद बदमाशों ने कारीगर को यह कहकर अपने साथ ले लिया कि आगे की पूछताछ के लिए उसे थाने चलना होगा। शक से बचने के लिए उन्होंने पूरी तरह अधिकारी जैसा व्यवहार किया और कारीगर को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर फरार हो गए। बताया जाता है कि अपराधी उसे देवघर की ओर ले गए। देवीपुर स्थित एम्स के पास चलती गाड़ी से धक्का देकर नीचे फेंक दिया। पुलिस जांच में जुटी, व्यापारियों में दहशत का माहौल घटना के बाद घायल कारीगर ने स्थानीय लोगों की मदद से परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही धनवार थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिसमें संदिग्धों की गतिविधियां कैद होने की बात सामने आई है। स्कॉर्पियो वाहन की पहचान करने के साथ विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद धनवार समेत पूरे क्षेत्र के व्यापारियों में भय का माहौल है।


