बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मढ़ीनाथ रोड निवासी मधुतोष शर्मा को बैंक की मदद लेना उस वक्त महंगा पड़ गया, जब उन्होंने बैंक से संपर्क करने के लिए ‘जस्ट डायल’ का सहारा लिया। 13 फरवरी की शाम करीब 5 बजे, मधुतोष एसबीआई की फरीदपुर शाखा से संपर्क करना चाह रहे थे। इंटरनेट पर मिले नंबर पर कॉल करने के कुछ ही देर बाद उनके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई, जिसने उनकी जमापूंजी पर डाका डाल दिया। लिंक भेजकर मोबाइल का लिया एक्सेस
ठग ने खुद को बैंक मैनेजर अमित कुमार बताकर मधुतोष को विश्वास में लिया। उसने दावा किया कि खाते में भुगतान संबंधी कोई तकनीकी समस्या है। समाधान के नाम पर ठग ने एक लिंक भेजा, जिससे पीड़ित के मोबाइल में एक एप डाउनलोड हो गया। जैसे ही मधुतोष ने उस एप में अपने बैंक खाते की डिटेल और मोबाइल नंबर दर्ज किया, साइबर अपराधी को उनके फोन का पूरा एक्सेस मिल गया। दो बैंक खातों से पार की बड़ी रकम
विवरण साझा करते ही मधुतोष के दो अलग-अलग खातों से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ठगों ने एसबीआई खाते से 7.41 लाख रुपये और दूसरे खाते से 4 लाख रुपये पार कर दिए। कुल 11.41 लाख रुपये की चपत लगने के बाद पीड़ित के होश उड़ गए। आनन-फानन में पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट, जांच शुरू
पीड़ित मधुतोष शर्मा की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उस ट्रांजैक्शन ट्रेल और मोबाइल नंबर की जांच कर रही है जिसके जरिए इस वारदात को अंजाम दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक से एप डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि इससे मोबाइल का रिमोट एक्सेस ठगों के पास चला जाता है।


