रीवा के अमहिया क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है, जिससे कई लोगों के आशियाने प्रभावित हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराते हुए ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई पर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक बोले- लोगों को सिफ्टिंग का पर्याप्त समय नहीं दिया
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने इस पूरे मामले में नगर निगम की भूमिका पर निशाना साधते हुए महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महापौर गरीबों का साथ देने में असफल रहे हैं और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों की मदद नहीं की जा रही है। अभय मिश्रा का आरोप है कि जिन लोगों के घर टूट रहे हैं, उन्हें न तो पर्याप्त समय दिया गया और न ही पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की गई। वहीं महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास किसी भी प्रभावित व्यक्ति ने मदद के लिए संपर्क नहीं किया। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। महापौर का कहना है कि नगर निगम नियमों के तहत काम कर रहा है और अवैध अतिक्रमण हटाना जरूरी है। एसडीएमप बोले- 5 लोग विस्थापन की श्रेणी में बाकी सबने अवैध कब्जा किया
इधर, एसडीएम अनुराग तिवारी ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि केवल 5 लोग ही विस्थापन की श्रेणी में आते हैं, जबकि बाकी सभी ने अवैध कब्जा कर रखा था। प्रशासन का कहना है कि नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है, जहां एक ओर प्रशासन कार्रवाई को जरूरी बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे गरीबों के खिलाफ कदम बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।


