महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘ऑपरेशन टायगर’ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों के साथ गुप्त बैठक की, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हालांकि एकनाथ शिंदे ने खुद इन खबरों को खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मीडिया से कहा कि उनके और शिवसेना (उबाठा) के सांसदों के बीच कथित बैठक की खबरें भ्रामक हैं। यह महज अफवाह है, इसका उद्देश्य सिर्फ सनसनी फैलाना है।
ठाणे में देर रात गुप्त बैठक की चर्चा
मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात ठाणे में कथित तौर पर एकनाथ शिंदे और ठाकरे गुट के करीब 8 सांसदों के बीच गुप्त बैठक हुई। बताया जा रहा है कि शिंदे का काफिला अचानक रास्ता बदलकर अलग दिशा में गया और इसके बाद वोल्टास कंपनी परिसर में यह कथित बैठक हुई। इस दौरान शिंदे के साथ उनके सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे भी मौजूद थे।
किन सांसदों के शामिल होने का दावा
खबरों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) के सांसद अरविंद सावंत, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और राजाभाऊ वाजे बैठक में मौजूद थे। वहीं, सांसद ओमराजे निंबालकर समेत दो अन्य सांसदों के वीडियो कॉल के जरिए जुड़ने की भी चर्चा है।
शिंदे के साथ बैठक नहीं हुई- ठाकरे गुट
राजनीतिक गलियारों में पहले से चर्चा थी कि ‘ऑपरेशन टायगर’ के जरिए ठाकरे गुट के सांसदों को तोड़ने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, उद्धव गुट के सांसदों ने ऐसी किसी भी बैठक से साफ इनकार किया है।
कुछ दिन पहले ही उद्धव ठाकरे ने अपने सभी सांसदों को ‘मातोश्री’ बुलाकर बैठक की थी। उस दौरान सांसदों ने पार्टी के प्रति वफादार रहने का भरोसा दिया था।
बता दें कि शिवसेना (उबाठा) के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें लोकसभा के 9 और राज्यसभा के एक सदस्य शामिल हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खबरों ने राज्य में सियासत सियासी हलचल जरूर बढ़ा दी है।


