रायपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और बदमाशों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने रविवार तड़के बड़ा अभियान चलाया। सेंट्रल ज़ोन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत 132 हिस्ट्रीशीटर, गुंडा और निगरानी बदमाशों की जांच की गई, वहीं 11 वारंटियों को गिरफ्तार करने में भी पुलिस को सफलता मिली। यह अभियान पुलिस उपायुक्त सेंट्रल ज़ोन आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में चलाया गया। कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज, सिविल लाइन, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। हिस्ट्रीशीटर और निगरानी बदमाशों को थानों में परेड अभियान के दौरान पुराने हिस्ट्रीशीटर और निगरानी बदमाशों को थानों में बुलाकर उनकी परेड कराई गई। साथ ही चाकूबाजी जैसे गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों की सरप्राइज चेकिंग कर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने कई इलाकों में दबिश देकर फरार वारंटियों की तलाश की, जिसमें 8 स्थाई वारंटी समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के समेकित विश्लेषण में सामने आया कि कुल 132 बदमाशों में से करीब 28 प्रतिशत थाने पहुंचकर सत्यापन और परेड में शामिल हुए। वहीं करीब 20 प्रतिशत बदमाश अपने घरों से फरार मिले, जिनकी तलाश के लिए अलग से अभियान चलाया जा रहा है। लगभग 24 प्रतिशत आरोपी पहले से ही जेल में बंद पाए गए, जबकि शेष बदमाश अपने निवास पर मिले, जहां पुलिस ने पहुंचकर उनकी जांच की। अपराध से दूर रहने की नसीहत अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी बदमाशों को अपराध से दूर रहने, नियमित रूप से थाना हाजिरी देने और कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दी। साथ ही उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए फिंगरप्रिंट लेकर NAFIS सिस्टम में एंट्री भी की गई। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने बताया, कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह के सघन और लक्षित अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि असामाजिक तत्वों में कानून का डर बना रहे और शहरवासियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।


