लातेहार सदर थाना क्षेत्र के कैमा गांव में ड्रोन कैमरे से किए जा रहे जमीन सर्वे को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नाराज ग्रामीणों ने थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा, एएसआई राजेश कुमार समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को घेरकर कई घंटों तक बंधक बनाए रखा। घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को गांव में भेजा गया। इस बीच ग्रामीणों की ओर से बहादुर टाना भगत ने आरोप लगाया कि पुलिस गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना कर रही थी। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस दल को अपने कब्जे में ले लिया। डीएसपी समेत भारी पुलिस बल पहुंचा घटनास्थल
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर समेत भारी संख्या में पुलिस बल को कैमा गांव भेजा गया। अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों और पुलिस के बीच बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। समाचार लिखे जाने तक गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने की फायरिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ जवानों को कुछ ग्रामीण पकड़कर जंगल की ओर ले गए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम उन्हें छुड़ाने के लिए पहुंची, जहां ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने और आत्मरक्षा के लिए पुलिस को कई राउंड फायरिंग करनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने जवानों को ग्रामीणों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है। पेसा कानून का हवाला देकर विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि उनका क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र में आता है और यहां पेसा कानून लागू है। स्थानीय ग्रामीण बहादुर टाना भगत ने बताया कि बिना ग्रामसभा की अनुमति के किसी भी प्रकार का सर्वे या जमीन से संबंधित कार्य नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने गांव की अनुमति के बिना ड्रोन सर्वे कराया, जिसका विरोध किया गया। ग्रामीणों ने लगाया पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना कर रही थी। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस दल को घेर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ग्रामसभा के माध्यम से आम सहमति नहीं बनती, तब तक किसी भी प्रकार के सर्वे या कार्य का विरोध किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार करीब एक माह पहले कैमा गांव के आसपास एक कंपनी द्वारा ड्रोन कैमरे के माध्यम से जमीन का सर्वे किया जा रहा था। इस सर्वे का ग्रामीणों ने विरोध किया और सर्वे के दौरान ड्रोन कैमरा छीनकर अपने पास रख लिया। कंपनी के अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस और कंपनी के प्रतिनिधियों ने कई बार ग्रामीणों से ड्रोन कैमरा वापस करने की अपील की, लेकिन ग्रामीणों ने कैमरा लौटाने से इनकार कर दिया। गुरुवार को पुलिस गांव पहुंची और कुछ चिन्हित युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले जाने का प्रयास किया। इसी दौरान ग्रामीण उग्र हो गए और थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को घेरकर बंधक बना लिया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के पास लाठी-डंडे भी मौजूद थे, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों की कुछ मांगें हैं, जिन्हें लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच बातचीत चल रही है। प्रशासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही आपसी सहमति से मामले का समाधान निकाल लिया जाए। फिलहाल गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। -कुमार गौरव, पुलिस अधीक्षक, लातेहार लातेहार सदर थाना क्षेत्र के कैमा गांव में ड्रोन कैमरे से किए जा रहे जमीन सर्वे को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नाराज ग्रामीणों ने थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा, एएसआई राजेश कुमार समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को घेरकर कई घंटों तक बंधक बनाए रखा। घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को गांव में भेजा गया। इस बीच ग्रामीणों की ओर से बहादुर टाना भगत ने आरोप लगाया कि पुलिस गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना कर रही थी। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस दल को अपने कब्जे में ले लिया। डीएसपी समेत भारी पुलिस बल पहुंचा घटनास्थल
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर समेत भारी संख्या में पुलिस बल को कैमा गांव भेजा गया। अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों और पुलिस के बीच बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। समाचार लिखे जाने तक गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने की फायरिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ जवानों को कुछ ग्रामीण पकड़कर जंगल की ओर ले गए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम उन्हें छुड़ाने के लिए पहुंची, जहां ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने और आत्मरक्षा के लिए पुलिस को कई राउंड फायरिंग करनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने जवानों को ग्रामीणों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है। पेसा कानून का हवाला देकर विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि उनका क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र में आता है और यहां पेसा कानून लागू है। स्थानीय ग्रामीण बहादुर टाना भगत ने बताया कि बिना ग्रामसभा की अनुमति के किसी भी प्रकार का सर्वे या जमीन से संबंधित कार्य नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने गांव की अनुमति के बिना ड्रोन सर्वे कराया, जिसका विरोध किया गया। ग्रामीणों ने लगाया पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना कर रही थी। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस दल को घेर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ग्रामसभा के माध्यम से आम सहमति नहीं बनती, तब तक किसी भी प्रकार के सर्वे या कार्य का विरोध किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार करीब एक माह पहले कैमा गांव के आसपास एक कंपनी द्वारा ड्रोन कैमरे के माध्यम से जमीन का सर्वे किया जा रहा था। इस सर्वे का ग्रामीणों ने विरोध किया और सर्वे के दौरान ड्रोन कैमरा छीनकर अपने पास रख लिया। कंपनी के अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस और कंपनी के प्रतिनिधियों ने कई बार ग्रामीणों से ड्रोन कैमरा वापस करने की अपील की, लेकिन ग्रामीणों ने कैमरा लौटाने से इनकार कर दिया। गुरुवार को पुलिस गांव पहुंची और कुछ चिन्हित युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले जाने का प्रयास किया। इसी दौरान ग्रामीण उग्र हो गए और थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को घेरकर बंधक बना लिया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के पास लाठी-डंडे भी मौजूद थे, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों की कुछ मांगें हैं, जिन्हें लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच बातचीत चल रही है। प्रशासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही आपसी सहमति से मामले का समाधान निकाल लिया जाए। फिलहाल गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। -कुमार गौरव, पुलिस अधीक्षक, लातेहार


