‘मामा’ बनकर पहुंचे पुलिसकर्मी… सफाईकर्मी की 2 बेटियों की शादी में 1,61,000 लाख का भरा मायरा

‘मामा’ बनकर पहुंचे पुलिसकर्मी… सफाईकर्मी की 2 बेटियों की शादी में 1,61,000 लाख का भरा मायरा

Inspiring Police Story: कोटपूतली-बहरोड़ जिले की नारायणपुर थाना पुलिस ने गरीब परिवार का मायरा अनूठी मिसाल पेश की है। पुलिस ने यहां थाने के सफाई कर्मचारी कैलाश चंद वाल्मीकि की दो बेटियों की शादी में कुल ₹1,61,000 का मायरा भरा, जो पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है। मायरा शादी पर ननिहाल पक्ष की ओर से प्रेम और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। नारायणपुर थाना इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

थाना स्टाफ ने जुटाई राशि

थाना अधिकारी रोहिताश कुमार ने जो फैसला लिया, उसने पुलिस की सख्त छवि के बीच करुणा और संवेदनशीलता की नई परिभाषा गढ़ दी है। दरअसल, यहां थाने के सफाई कर्मचारी कैलाश चंद वाल्मीकि के घर दो बेटियों शादी थी, मगर परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। हालात समझते ही थाना अधिकारी रोहिताश कुमार स्टाफ ने ‘मायरा’ भरने की पहल की और पूरे पुलिस स्टाफ को इस नेक कार्य से जोड़ा। कैलाश चंद वाल्मीकि यहा घर ज्वाई है जो लम्बे समय से रह रहा है।

कुल ₹1,61,000 का मायरा भरा

थाना पुलिस ने मिलकर कुल ₹1,61,000 का मायरा भरा। इसके साथ ही कपड़े और आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई। वर्दी के भीतर की संवेदनशीलता का यह उदाहरण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कह रहे हैं कि पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली करने वाली ताकत नहीं, बल्कि समाज के दुःख-सुख में साथ खड़ा परिवार भी है।

इस पहल ने पुलिस विभाग की छवि को नया आयाम दिया है। साथ ही यह संदेश दिया है कि कर्तव्य और करुणा जब साथ चलते हैं, तो विश्वास और सम्मान दोनों बढ़ते हैं। इस मौके पर बानसूर डिप्टी मेघा गोयल, भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप सैनी, विजयपुरा सरपंच मोहनलाल वर्मा,मनोहर सिंह नायक, महेंद्र योगी, दामोदर शर्मा, गिर्राज सैनी सहित पुलिस स्टाफ मौजूद था।

छलक आए कैलाश के आंसू

अपनी बेटियों की शादी में पुलिस के इस अप्रत्याशित सहयोग को देखकर कैलाश और उनका परिवार भावुक हो गया। कैलाश ने नम आंखों से कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि थाने का स्टाफ इस तरह उनके परिवार की जिम्मेदारी को अपना मानकर साझा करेगा।

अधिकारी बोले- कैलाश परिवार का हिस्सा

बानसूर सीओ मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार ने बताया कि कैलाश उनके थाने का महज एक कर्मचारी नहीं, बल्कि पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा है। एक सहकर्मी के नाते उसकी खुशियों में शामिल होना उनकी पारिवारिक जिम्मेदारी थी। वे चाहते थे कि बेटी की विदाई पूरे सम्मान के साथ हो।

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