भास्कर न्यूज़| कोडरमा जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोडरमा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। तिलैया थाना क्षेत्र के अंबाकोला गांव के जंगली इलाके में अफीम की अवैध खेती का खुलासा करते हुए पुलिस ने करीब तीन एकड़ भूमि में लगी फसल को नष्ट किया है, वहीं इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि अंबाकोला गांव के आसपास जंगल और तालाब के किनारे अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और मजिस्ट्रेट के रूप में अंचल अधिकारी की उपस्थिति में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर अफीम की खेती पाई। मौके से करीब छह इंच से अधिक ऊंचाई के अफीम के पौधे, पानी की पाइप, बिजली के तार, रासायनिक उर्वरक समेत कई सामान जब्त किए गए। नमूने के तौर पर 60 अफीम के पौधे जब्त किए गए, जबकि शेष फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया गया। प्रेस वार्ता में एसडीपीओ अनिल सिंह के अलावा थाना प्रभारी विनय कुमार पुलिस अवर निरीक्षक महादेव पांडे उपस्थित थे ग्रामीणों को बाहरी लोगों ने किया था प्रेरित : गिरफ्तार आरोपी बुधलाल सिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अफीम की खेती के लिए चतरा से आए दो लोगों ने ग्रामीणों को प्रेरित किया था। शुरुआती खर्च, बीज और अन्य संसाधन उन्हीं बाहरी लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। कुछ पौधे खेत में लगाए गए थे, जबकि कुछ को घरों में भी छिपाकर रखा गया था। एसपी ने बताया कि इस मामले में कुछ अन्य बाहरी लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हे। इस संबंध में तिलैया थाना कांड संख्या 12/26 एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(b)/15/17/18/22/27/ 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि जिले में मादक पदार्थों की खेती और कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि अफीम की खेती की रोकथाम के लिए अब ड्रोन और तकनीकी संसाधनों के जरिए निगरानी की जा रही है।साथ ही पुलिस प्रशासन ग्रामीणों को नशे से दूर रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। अफीम की खेती में संलिप्त या उससे प्रभावित लोगों को वैकल्पिक आजीविका अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।एसपी अनुदीप सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती, बिक्री या तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। भास्कर न्यूज़| कोडरमा जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोडरमा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। तिलैया थाना क्षेत्र के अंबाकोला गांव के जंगली इलाके में अफीम की अवैध खेती का खुलासा करते हुए पुलिस ने करीब तीन एकड़ भूमि में लगी फसल को नष्ट किया है, वहीं इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि अंबाकोला गांव के आसपास जंगल और तालाब के किनारे अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और मजिस्ट्रेट के रूप में अंचल अधिकारी की उपस्थिति में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर अफीम की खेती पाई। मौके से करीब छह इंच से अधिक ऊंचाई के अफीम के पौधे, पानी की पाइप, बिजली के तार, रासायनिक उर्वरक समेत कई सामान जब्त किए गए। नमूने के तौर पर 60 अफीम के पौधे जब्त किए गए, जबकि शेष फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया गया। प्रेस वार्ता में एसडीपीओ अनिल सिंह के अलावा थाना प्रभारी विनय कुमार पुलिस अवर निरीक्षक महादेव पांडे उपस्थित थे ग्रामीणों को बाहरी लोगों ने किया था प्रेरित : गिरफ्तार आरोपी बुधलाल सिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अफीम की खेती के लिए चतरा से आए दो लोगों ने ग्रामीणों को प्रेरित किया था। शुरुआती खर्च, बीज और अन्य संसाधन उन्हीं बाहरी लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। कुछ पौधे खेत में लगाए गए थे, जबकि कुछ को घरों में भी छिपाकर रखा गया था। एसपी ने बताया कि इस मामले में कुछ अन्य बाहरी लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हे। इस संबंध में तिलैया थाना कांड संख्या 12/26 एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(b)/15/17/18/22/27/ 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि जिले में मादक पदार्थों की खेती और कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि अफीम की खेती की रोकथाम के लिए अब ड्रोन और तकनीकी संसाधनों के जरिए निगरानी की जा रही है।साथ ही पुलिस प्रशासन ग्रामीणों को नशे से दूर रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। अफीम की खेती में संलिप्त या उससे प्रभावित लोगों को वैकल्पिक आजीविका अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।एसपी अनुदीप सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती, बिक्री या तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


