पुलिस उप-निरीक्षक सुमनजी झा सेवा से बर्खास्त:वैशाली में भ्रष्टाचार और बरामद सोना-नगदी गायब करने का आरोप

पुलिस उप-निरीक्षक सुमनजी झा सेवा से बर्खास्त:वैशाली में भ्रष्टाचार और बरामद सोना-नगदी गायब करने का आरोप

वैशाली में पुलिस उप-निरीक्षक सुमनजी झा को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते आज 7 मार्च से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर रिश्वत लेने और बरामद सोने तथा अन्य बहुमूल्य सामग्री को जब्त सूची में पूरी तरह से न दिखाने का आरोप था। सुमनजी झा वर्तमान में वैशाली जिले में पदस्थापित थे। यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना में पवन कुमार नामक एक शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायत के सत्यापन में भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। इसके उपरांत, निगरानी थाना कांड संख्या 08/24, दिनांक 04.09.2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2018) की धारा 7 (ए) के तहत सुमनजी झा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 11,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था 4 सितंबर 2024 को सुमनजी झा को सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के बंधारा बाजार के पास परिवादी से 11,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इस आरोप के संबंध में उनके विरुद्ध मुजफ्फरपुर जिला में विभागीय कार्यवाही संख्या 39/24 शुरू की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी-2, मुजफ्फरपुर, मनोज कुमार सिंह को इसका संचालन अधिकारी नियुक्त किया गया था। विभागीय जांच के बाद संचालन अधिकारी ने सुमनजी झा को रिश्वत के आरोप में दोषी पाया। इसी क्रम में, सुमनजी झा के खिलाफ लालगंज थानांतर्गत लगभग 1.5 किलोग्राम सोना और अन्य बहुमूल्य सामग्री/नकदी को जब्त सूची में पूरी तरह से न दिखाने के आरोप में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई। बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत केस दर्ज यह लालगंज थाना कांड संख्या 11/26, दिनांक 05.01.2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत दर्ज हुई। इस मामले में अलग से विभागीय कार्यवाही 10/26 भी शुरू की गई है। पुलिस विभाग एक अनुशासित संगठन है। विभाग का मानना है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिस अधिकारियों या कर्मियों का सेवा में बने रहना आम जनता और संगठन के अन्य पुलिस कर्मियों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उक्त सभी आरोपों की गहन समीक्षा और जांच प्राधिकार के मंतव्य से सहमत होते हुए, सुमनजी झा को 7 मार्च 2026 से सेवा से बर्खास्त करने का अंतिम निर्णय लिया गया। वैशाली में पुलिस उप-निरीक्षक सुमनजी झा को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते आज 7 मार्च से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर रिश्वत लेने और बरामद सोने तथा अन्य बहुमूल्य सामग्री को जब्त सूची में पूरी तरह से न दिखाने का आरोप था। सुमनजी झा वर्तमान में वैशाली जिले में पदस्थापित थे। यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना में पवन कुमार नामक एक शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायत के सत्यापन में भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। इसके उपरांत, निगरानी थाना कांड संख्या 08/24, दिनांक 04.09.2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2018) की धारा 7 (ए) के तहत सुमनजी झा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 11,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था 4 सितंबर 2024 को सुमनजी झा को सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के बंधारा बाजार के पास परिवादी से 11,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इस आरोप के संबंध में उनके विरुद्ध मुजफ्फरपुर जिला में विभागीय कार्यवाही संख्या 39/24 शुरू की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी-2, मुजफ्फरपुर, मनोज कुमार सिंह को इसका संचालन अधिकारी नियुक्त किया गया था। विभागीय जांच के बाद संचालन अधिकारी ने सुमनजी झा को रिश्वत के आरोप में दोषी पाया। इसी क्रम में, सुमनजी झा के खिलाफ लालगंज थानांतर्गत लगभग 1.5 किलोग्राम सोना और अन्य बहुमूल्य सामग्री/नकदी को जब्त सूची में पूरी तरह से न दिखाने के आरोप में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई। बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत केस दर्ज यह लालगंज थाना कांड संख्या 11/26, दिनांक 05.01.2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत दर्ज हुई। इस मामले में अलग से विभागीय कार्यवाही 10/26 भी शुरू की गई है। पुलिस विभाग एक अनुशासित संगठन है। विभाग का मानना है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिस अधिकारियों या कर्मियों का सेवा में बने रहना आम जनता और संगठन के अन्य पुलिस कर्मियों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उक्त सभी आरोपों की गहन समीक्षा और जांच प्राधिकार के मंतव्य से सहमत होते हुए, सुमनजी झा को 7 मार्च 2026 से सेवा से बर्खास्त करने का अंतिम निर्णय लिया गया।  

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