उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक अतुल प्रधान को मृतक सोनू कश्यप के परिजनों से मिलने से रोका गया। पुलिस ने उन्हें सांसद हरेंद्र मलिक के आवास पर रोका था। बाद में पुलिस ने मृतक के परिजनों को सांसद के घर बुलवाकर विधायक प्रधान से मुलाकात कराई। इस मुलाकात के दौरान मृतक सोनू कश्यप की बहन विधायक अतुल प्रधान से लिपटकर रोने लगीं। विधायक प्रधान ने इस घटनाक्रम पर प्रशासन के रवैये के प्रति नाराजगी व्यक्त की। अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि पूरे जिले में नाकाबंदी की गई है और पुलिस का व्यवहार संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका जा रहा है, जिससे वे उनकी मदद नहीं कर पा रहे हैं। विधायक प्रधान ने यह भी बताया कि उन्होंने इस पीड़ित परिवार की पहले भी मदद की है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच हो, जो माननीय न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। सपा विधायक अतुल प्रधान का कहना है कि पूरे जिले में नाकाबंदी की गई है और पुलिस का व्यवहार बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं है। पुलिस का रवैया ऐसा है कि विपक्षी नेताओं को जबरन रोका जा रहा है और रोकने की सारी सीमाएं पार की जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई विपक्षी नेताओं को लौटना पड़ा, बल्कि सरकार पक्ष के कुछ लोग भी वापस चले गए। उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिल ही नहीं पाएंगे, तो उनकी मदद कैसे करेंगे। आप ही बताइए, हम लोग मदद के लिए आए हैं। यह संयोग ही है कि पीड़ित परिवार का घर हमारे सांसद के घर के नजदीक है, इसलिए हमने उन्हें बुला लिया। बुलाने के बाद उनसे बातचीत की जा रही है और हमारी पार्टी लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अतुल प्रधान ने बताया कि अखिलेश यादव ने पहले ही दिन सबसे पहले विजयपाल कश्यप के परिवार से मुलाकात की थी। यह स्थान हमारे विधानसभा क्षेत्र के ज्वालागढ़ में है। हम लोग भी वहां पहुंचे थे और उसी दिन पीड़ित परिवार की मदद की गई थी। माननीय अखिलेश यादव ने अपनी ओर से पीड़ित परिवार के लिए 2 लाख रुपए का चेक भेजा है, जो पार्टी के पदाधिकारी एक-दो दिन में उनके घर जाकर सौंपेंगे। इसके अलावा पार्टी की ओर से अलग-अलग समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18 तारीख को मेरठ कमिश्नरी में बड़ी पंचायत होगी, वहीं दौराला में भी कार्यक्रम रखा गया है। जगह-जगह कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। सपा की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच किसी माननीय न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।


