मामूली ट्रैफिक उल्लंघन पर थाना प्रभारी ने दी गाली; VIDEO:कार में बैठी महिला डॉक्टर ने कहा- सरकारी पिस्टल से हमें डराया, मुझे अनसेफ फील हुआ

मामूली ट्रैफिक उल्लंघन पर थाना प्रभारी ने दी गाली; VIDEO:कार में बैठी महिला डॉक्टर ने कहा- सरकारी पिस्टल से हमें डराया, मुझे अनसेफ फील हुआ

दरभंगा में बेंता थाना प्रभार पर दुर्व्यवहार और गाली-गलौज का आरोप लगाय है। आरोप लगाने वाली शहर की डॉक्टर सुशीला ठाकुर की नतिनी डॉ. तेजस्विनी पांडे हैं। जो ड्राइवर के साथ घर लौट रही थी। इसी दौरान गाड़ी वन-वे में गई। महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि मामूली ट्रैफिक उल्लंघन को लेकर थाना प्रभारी ने बवाल किया। डॉक्टर के अनुसार थाना प्रभार इतने उग्र हो गए थे कि सरकार पिस्टल निकालकर हमें डराने की कोशिश की। बीच सड़क पर उन्होंने गलत व्यवहार किया। अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। महिला डॉक्टर ने कहा कि मैं पटना से दरभंगा जा रही थी। रूट की जानकारी नहीं थी। गूगल मैप से जा रहे थे। थोड़ा जाम लगा था। ट्रैफिक पुलिस रास्ता बना रही थी। हम आगे बढ़े। पुलिस वाले हरेंद्र कुमार ने अपने बंदूक से शीशा पर मारा। अगर वन-वे का फाइन होता तो पीछे ट्रैफिक पुलिस वाले करते। मेरे ड्राइवर के गर्दन के पीछे बंदूक सटाकर उन्हें गाड़ी से निकाला। मुझे बहुत अनसेफ फील हुआ। घटना से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रभारी ड्राइवर के साथ बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं। 30 सेकेंड के वीडियो में गाली देते हुए 4 बार बोल रहे हैं ‘गाड़ी चमका रहा है, बाहर निकल, मैडम हो या कुछ हो बाहर निकल।’ घटना कर्पूरी चौक और बेंता चौक के बीच वीआईपी रोड की बताई जा रही है। महिला डॉक्टर बोलती रहीं आप बदतमीजी न कीजिए गाड़ी में बैठी महिला डॉक्टर ने कहती भी हैं कि आप बदतमीजी नहीं कर सकते हैं, फाइन करना है तो फाइन कीजिए। बताया जाता है कि मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची हैं। ये घटना तब हुई जब आज दरभंगा में सीएम नीतीश कुमार आने वाले हैं। मुझे गुस्सा आ गया था, इसलिए अपशब्द बोल दिया- थानध्यक्ष बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार से ने बताया कि संबंधित वाहन को पहले वन-वे के दौरान रोका गया था। वाहन रोकने के प्रयास में चालक ने जानबूझकर गाड़ी दौड़ा दी। संयोगवश मैं और एक सिपाही दोनों चपेट में आने से बच गए। थानाध्यक्ष ने कहा कि चालक तेज रफ्तार में वहां से फरार हो गया। बाद में जब वाहन को रोका गया और उसे बाहर आने के लिए कहा गया तो चालक ने गाड़ी का दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया, जिससे मुझे गुस्सा आया। मैंने कुछ अपशब्द बोल दिया, जो मैं स्वीकार करता हूं। चालक ने मुझे जान से मारने की नीयत से गाड़ी को भगाया। हालांकि बाद में वाहन चालक पर केवल जुर्माना लगाकर गाड़ी छोड़ दिया। जांच में दोषी पाए जाएंगे तो कार्रवाई होगी एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने कहा कि यदि घटना से संबंधित वीडियो मिलता है तो उसकी विधिवत जांच कराई जाएगी। जांच में यदि कोई पुलिस पदाधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा में बेंता थाना प्रभार पर दुर्व्यवहार और गाली-गलौज का आरोप लगाय है। आरोप लगाने वाली शहर की डॉक्टर सुशीला ठाकुर की नतिनी डॉ. तेजस्विनी पांडे हैं। जो ड्राइवर के साथ घर लौट रही थी। इसी दौरान गाड़ी वन-वे में गई। महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि मामूली ट्रैफिक उल्लंघन को लेकर थाना प्रभारी ने बवाल किया। डॉक्टर के अनुसार थाना प्रभार इतने उग्र हो गए थे कि सरकार पिस्टल निकालकर हमें डराने की कोशिश की। बीच सड़क पर उन्होंने गलत व्यवहार किया। अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। महिला डॉक्टर ने कहा कि मैं पटना से दरभंगा जा रही थी। रूट की जानकारी नहीं थी। गूगल मैप से जा रहे थे। थोड़ा जाम लगा था। ट्रैफिक पुलिस रास्ता बना रही थी। हम आगे बढ़े। पुलिस वाले हरेंद्र कुमार ने अपने बंदूक से शीशा पर मारा। अगर वन-वे का फाइन होता तो पीछे ट्रैफिक पुलिस वाले करते। मेरे ड्राइवर के गर्दन के पीछे बंदूक सटाकर उन्हें गाड़ी से निकाला। मुझे बहुत अनसेफ फील हुआ। घटना से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रभारी ड्राइवर के साथ बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं। 30 सेकेंड के वीडियो में गाली देते हुए 4 बार बोल रहे हैं ‘गाड़ी चमका रहा है, बाहर निकल, मैडम हो या कुछ हो बाहर निकल।’ घटना कर्पूरी चौक और बेंता चौक के बीच वीआईपी रोड की बताई जा रही है। महिला डॉक्टर बोलती रहीं आप बदतमीजी न कीजिए गाड़ी में बैठी महिला डॉक्टर ने कहती भी हैं कि आप बदतमीजी नहीं कर सकते हैं, फाइन करना है तो फाइन कीजिए। बताया जाता है कि मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची हैं। ये घटना तब हुई जब आज दरभंगा में सीएम नीतीश कुमार आने वाले हैं। मुझे गुस्सा आ गया था, इसलिए अपशब्द बोल दिया- थानध्यक्ष बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार से ने बताया कि संबंधित वाहन को पहले वन-वे के दौरान रोका गया था। वाहन रोकने के प्रयास में चालक ने जानबूझकर गाड़ी दौड़ा दी। संयोगवश मैं और एक सिपाही दोनों चपेट में आने से बच गए। थानाध्यक्ष ने कहा कि चालक तेज रफ्तार में वहां से फरार हो गया। बाद में जब वाहन को रोका गया और उसे बाहर आने के लिए कहा गया तो चालक ने गाड़ी का दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया, जिससे मुझे गुस्सा आया। मैंने कुछ अपशब्द बोल दिया, जो मैं स्वीकार करता हूं। चालक ने मुझे जान से मारने की नीयत से गाड़ी को भगाया। हालांकि बाद में वाहन चालक पर केवल जुर्माना लगाकर गाड़ी छोड़ दिया। जांच में दोषी पाए जाएंगे तो कार्रवाई होगी एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने कहा कि यदि घटना से संबंधित वीडियो मिलता है तो उसकी विधिवत जांच कराई जाएगी। जांच में यदि कोई पुलिस पदाधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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