‘हॉस्टल संचालिका केस सेटल करने आई थी,पुलिस ने थप्पड़ जड़ा’:NEET छात्रा की मामी ने CBI से कहा- प्रभात मेमोरियल अस्पताल के CCTV से मिलेगा सुराग

‘हॉस्टल संचालिका केस सेटल करने आई थी,पुलिस ने थप्पड़ जड़ा’:NEET छात्रा की मामी ने CBI से कहा- प्रभात मेमोरियल अस्पताल के CCTV से मिलेगा सुराग

पटना के NEET छात्रा रेप-मौत मामले में छात्रा की मामी से CBI ने पूछताछ की है। इस पूछताछ में मामी कई नई जानकारी जांच एजेंसी को दी है। मामी ने CBI से कहा है कि, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी को खंगाला जाए। वहां से बहुत जानकारी मिल सकती है। इसके साथ ही उन्होंने CBI को बताया है कि हॉस्टल की संचालिका नील अग्रवाल ने जब बच्ची जब जिंदगी के लिए मौत से लड़ रही थी तो पैसे का ऑफर दिया था। उसके बाद वहां खड़ी एक महिला सिपाही नीलू अग्रवार को एक थप्पड़ भी मारा था। संचालिका पर पैसे देकर सेटल करने की कोशिश का आरोप छात्रा मामी ने CBI को बताया कि, जब उनकी भांजी की सांसे चल रही थी, उसी दौरान हॉस्टल संचालिका हॉस्पिटल नीलू अग्रवाल प्रभात मेमोरियल अस्पताल आई थी। उसने छात्रा की मां के सिर पर हाथ फेरा। सिर को सहलाते हुए कहा कि ‘आपकी बेटी को तो हम बचा नहीं पाए, जो पैसा लेना है ले लीजिए।’ जांच टीम के सामने उन्होंने सवाल उठाया कि ‘जब हमारी भांजी की सांसे उस वक्त चल रही थी तो ऐसी बातें क्यों की? रुपयों का ऑफर परिवार को क्यों दिया? ये बातें पटना पुलिस की SIT को भी बताई गई थी, लेकिन SIT ने नीलम अग्रवाल से पूछताछ नहीं की। उसी दौरान वहां मौजूद एक महिला सिपाही ने नीलम को थप्पड़ भी मारा था। ये सब हॉस्पिटल के कैमरे में कैद हुआ है। इसलिए वहां के फुटेज की जांच होनी चाहिए।’ गयाजी में छात्रा की मामी से की पूछताछ इस मामले की जांच करते हुए CBI की टीम गुरुवार को गयाजी गई और मामी से पूछताछ की थी। क्योंकि, जब छात्रा का प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, तब मामी उस दरम्यान वहां मौजूद थीं। SIT के कार्रवाई के बारे में मामी ने जांच एजेंसी को बताया कि हॉस्टल संचालिका से उन लोगों ने सख्ती से पूछताछ की ही नहीं। उल्टा चित्रगुप्त नगर थाना ले जाकर बांड भरवाकर उसे छोड़ दिया। परिवार ने खुद के पैसों से लगवाए कैमरे
छात्रा के परिवार को दो बार धमकी मिल चुकी है। दोनों बार घर में धमकी भरा लेटर फेंका गया है। इसके बाद से परिवार के सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, घर में CCTV कैमरा लगाने की बात हुई। इसके लिए सरकारी स्तर पर कोई मदद नहीं मिली। परिवार ने खुद से 4 CCTV खरीदा है और उसे अलग-अलग एंगल से इंस्टॉल करवाया है। सुरक्षा के नाम पर पुलिस की तरफ से 3 चौकीदार को लगाया गया है। इसमें एक की दिन में तो बाकी दो की ड्यूटी रात में होती है। छात्रा के इलाज का क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही CBI सूत्रों के अनुसार छात्रा के हुए इलाज का CBI की टीम क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है। वो इस बात की जांच कर रही है कि छात्रा को इलाज के लिए जिन-जिन हॉस्पिटल में ले जाया गया था, क्या उन जगहों पर इलाज सही हुए थे? क्या छात्रा की जिंदगी बचाई जा सकती थी? इसके साथ ही परिवार जिस तरह से प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पर इलाज में जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहा है, वो कितना सही है? वहां दिए गए इंजेक्शन और दूसरी दवाइयां सही थीं? इसकी पड़ताल की जा रही है।
भाई के मोबाइल का CDR खंगाल रही CBI छात्रा के भाई के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा है। उसे भी पटना बुलाया जा सकता है। एसआईटी की रिपोर्ट और बयान सीबीआई को सौंपे गए हैं। 5 जनवरी को छात्रा अकेले जहानाबाद से पटना लौटी थी। वह ट्रेन से पटना जंक्शन पहुंची। करबिगहिया छोर से बाहर निकली। ई-रिक्शा से हॉस्टल के पास उतरी। वहां से पैदल हॉस्टल गई। सीबीआई टीम ने इसी क्रम में सीन रीक्रिएट किया। ————————— ये खबर भी पढ़ें NEET छात्रा रेप-मौत,CBI ने 2 घंटे की SI से पूछताछ:मां-पिता से पूछा-बयान बदलने के लिए किसने कहा; SIT से सवाल-मनीष रंजन को रिमांड पर क्यों नहीं लिया NEET छात्रा रेप-मौत मामले को टेकओवर किए सीबीआई को चार दिन हो गए हैं। सीबीआई ने अब तक शंभू गर्ल्स हॉस्टल, जहानाबाद में मां-पिता और भाई से 5 घंटे तक पूछताछ की। मंगलवार को SIT की ओर से CCTV फुटेज और उसकी DVR की जांच CID की फोरेंसिक टीम से कराई गई। रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी गई है। नीट छात्रा मामले में सीबीआई 48 घंटे में दूसरी बार जहानाबाद स्थित उसके घर पहुंची। टीम ने छात्रा के भाई से 3 घंटे पूछताछ की। फिर उसका मोबाइल मांगा। भाई ने बताया कि मोबाइल मखदुमपुर में बनवाने के लिए दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें पटना के NEET छात्रा रेप-मौत मामले में छात्रा की मामी से CBI ने पूछताछ की है। इस पूछताछ में मामी कई नई जानकारी जांच एजेंसी को दी है। मामी ने CBI से कहा है कि, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी को खंगाला जाए। वहां से बहुत जानकारी मिल सकती है। इसके साथ ही उन्होंने CBI को बताया है कि हॉस्टल की संचालिका नील अग्रवाल ने जब बच्ची जब जिंदगी के लिए मौत से लड़ रही थी तो पैसे का ऑफर दिया था। उसके बाद वहां खड़ी एक महिला सिपाही नीलू अग्रवार को एक थप्पड़ भी मारा था। संचालिका पर पैसे देकर सेटल करने की कोशिश का आरोप छात्रा मामी ने CBI को बताया कि, जब उनकी भांजी की सांसे चल रही थी, उसी दौरान हॉस्टल संचालिका हॉस्पिटल नीलू अग्रवाल प्रभात मेमोरियल अस्पताल आई थी। उसने छात्रा की मां के सिर पर हाथ फेरा। सिर को सहलाते हुए कहा कि ‘आपकी बेटी को तो हम बचा नहीं पाए, जो पैसा लेना है ले लीजिए।’ जांच टीम के सामने उन्होंने सवाल उठाया कि ‘जब हमारी भांजी की सांसे उस वक्त चल रही थी तो ऐसी बातें क्यों की? रुपयों का ऑफर परिवार को क्यों दिया? ये बातें पटना पुलिस की SIT को भी बताई गई थी, लेकिन SIT ने नीलम अग्रवाल से पूछताछ नहीं की। उसी दौरान वहां मौजूद एक महिला सिपाही ने नीलम को थप्पड़ भी मारा था। ये सब हॉस्पिटल के कैमरे में कैद हुआ है। इसलिए वहां के फुटेज की जांच होनी चाहिए।’ गयाजी में छात्रा की मामी से की पूछताछ इस मामले की जांच करते हुए CBI की टीम गुरुवार को गयाजी गई और मामी से पूछताछ की थी। क्योंकि, जब छात्रा का प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, तब मामी उस दरम्यान वहां मौजूद थीं। SIT के कार्रवाई के बारे में मामी ने जांच एजेंसी को बताया कि हॉस्टल संचालिका से उन लोगों ने सख्ती से पूछताछ की ही नहीं। उल्टा चित्रगुप्त नगर थाना ले जाकर बांड भरवाकर उसे छोड़ दिया। परिवार ने खुद के पैसों से लगवाए कैमरे
छात्रा के परिवार को दो बार धमकी मिल चुकी है। दोनों बार घर में धमकी भरा लेटर फेंका गया है। इसके बाद से परिवार के सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, घर में CCTV कैमरा लगाने की बात हुई। इसके लिए सरकारी स्तर पर कोई मदद नहीं मिली। परिवार ने खुद से 4 CCTV खरीदा है और उसे अलग-अलग एंगल से इंस्टॉल करवाया है। सुरक्षा के नाम पर पुलिस की तरफ से 3 चौकीदार को लगाया गया है। इसमें एक की दिन में तो बाकी दो की ड्यूटी रात में होती है। छात्रा के इलाज का क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही CBI सूत्रों के अनुसार छात्रा के हुए इलाज का CBI की टीम क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है। वो इस बात की जांच कर रही है कि छात्रा को इलाज के लिए जिन-जिन हॉस्पिटल में ले जाया गया था, क्या उन जगहों पर इलाज सही हुए थे? क्या छात्रा की जिंदगी बचाई जा सकती थी? इसके साथ ही परिवार जिस तरह से प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पर इलाज में जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहा है, वो कितना सही है? वहां दिए गए इंजेक्शन और दूसरी दवाइयां सही थीं? इसकी पड़ताल की जा रही है।
भाई के मोबाइल का CDR खंगाल रही CBI छात्रा के भाई के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा है। उसे भी पटना बुलाया जा सकता है। एसआईटी की रिपोर्ट और बयान सीबीआई को सौंपे गए हैं। 5 जनवरी को छात्रा अकेले जहानाबाद से पटना लौटी थी। वह ट्रेन से पटना जंक्शन पहुंची। करबिगहिया छोर से बाहर निकली। ई-रिक्शा से हॉस्टल के पास उतरी। वहां से पैदल हॉस्टल गई। सीबीआई टीम ने इसी क्रम में सीन रीक्रिएट किया। ————————— ये खबर भी पढ़ें NEET छात्रा रेप-मौत,CBI ने 2 घंटे की SI से पूछताछ:मां-पिता से पूछा-बयान बदलने के लिए किसने कहा; SIT से सवाल-मनीष रंजन को रिमांड पर क्यों नहीं लिया NEET छात्रा रेप-मौत मामले को टेकओवर किए सीबीआई को चार दिन हो गए हैं। सीबीआई ने अब तक शंभू गर्ल्स हॉस्टल, जहानाबाद में मां-पिता और भाई से 5 घंटे तक पूछताछ की। मंगलवार को SIT की ओर से CCTV फुटेज और उसकी DVR की जांच CID की फोरेंसिक टीम से कराई गई। रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी गई है। नीट छात्रा मामले में सीबीआई 48 घंटे में दूसरी बार जहानाबाद स्थित उसके घर पहुंची। टीम ने छात्रा के भाई से 3 घंटे पूछताछ की। फिर उसका मोबाइल मांगा। भाई ने बताया कि मोबाइल मखदुमपुर में बनवाने के लिए दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें  

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