करनाल जिला के इंद्री क्षेत्र में पश्चिम यमुना नहर की पटरी पर सोमवार देर रात को पुलिस और गोवंश के सिर काटने वाले मामले में शामिल आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध आरोपी बाइक पर नहर किनारे घूम रहे हैं। पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। मौके से एक पिस्तौल भी बरामद हुई है। घटना की सूचना मिलते ही करनाल के एसपी भी मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। अब पुलिस आरोपी की मरहम पट्टी करवाने के बाद उसे जल्द से जल्द कोर्ट में पेश करेगी, ताकि आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा सके और अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। लिसघायल आरोपी की पहचान, अस्पताल में इलाज जारी
मुठभेड़ में घायल आरोपी की पहचान पानीपत जिले के गांव राणा माजरा निवासी 24 वर्षीय नकीम के रूप में हुई है। उसे तुरंत सामान्य नागरिक अस्पताल इंद्री में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर ही उसे काबू कर लिया था।घटना के बाद सीआईए-1 टीम और थाना इंद्री के एसएचओ मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है ताकि फरार आरोपी को जल्द पकड़ा जा सके। डीएसपी बोले- आरोपियों ने पहले की फायरिंग
इंद्री के डीएसपी सतीश गोतम ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गो तस्करी से जुड़े दो आरोपी नहर की पटरी पर बाइक पर हैं। पुलिस ने उनका पीछा किया और रुकने के लिए चेतावनी दी, लेकिन आरोपी नहीं रुके। उन्होंने पुलिस पर तीन राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। दूसरा आरोपी, जिसकी पहचान नौशाद के रूप में होने की आशंका है, अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मौके से एक पिस्तौल बरामद हुई है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…
18 मार्च से शुरू हुआ था पूरा मामला
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 18 मार्च, बुधवार को हुई थी। धमनहेड़ी गांव के पास नहर किनारे से गुजर रहे लोगों को 7 गोवंश के अवशेष दिखाई दिए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को बाहर निकलवाया। इसके बाद सभी अवशेषों को उचानी स्थित पशुधन केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके पर कई गोवंश के कटे हुए सिर पड़े थे, जबकि कुछ पैर नहर के अंदर मिले थे। आसपास हड्डियों का ढांचा और खाल भी पड़ी हुई थी, जिससे मामला गंभीर हो गया। अगले दिन फिर मिले कटे सिर, लोगों में आक्रोश
पहली घटना के अगले ही दिन 19 मार्च, गुरुवार को उसी नहर के पास फिर से 5-6 गोवंश के कटे हुए सिर मिले। इससे इलाके में माहौल और गर्म हो गया। गोरक्षक मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए कटे हुए सिर अपने साथ लेकर इंद्री कोर्ट के सामने स्टेट हाईवे पर रख दिए। इसके बाद गोरक्षकों ने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाकर जाम खुलवाया। 21 मार्च को तीसरी घटना, जांच हुई तेज
तीसरी घटना 21 मार्च, शनिवार को सामने आई, जब धनौरा गांव के पास नहर में फिर से गोवंश के कटे हुए सिर मिले। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि अवशेष काफी पुराने और गली-सड़ी हालत में थे। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी और आरोपियों की तलाश शुरू की। पहले भी चार आरोपी हो चुके गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब 6 दिन पहले पुलिस ने कुरुक्षेत्र के गांव बबैन निवासी चांद पुत्र धन सिंह को गिरफ्तार किया था, जिसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस आजम, नवाब और शहजाद को गिरफ्तार कर चुकी है। कोर्ट से तीनों आरोपियों का 5 दिन का पुलिस रिमांड मिला था। रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में चांद का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया। अब मुठभेड़ में एक और आरोपी पकड़ा गया
अब इस मुठभेड़ में एक और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस उससे गहन पूछताछ करेगी ताकि फरार आरोपी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


