पलवल में नेशनल हाईवे-19 पर गुरुवार को हुई 75 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस 4 दिन बाद भी लुटेरों का सुराग नहीं लगा पाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित की हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। यह घटना पलवल के मुख्य बाजार स्थित जेएस सर्राफ एंड संस के संचालक विकास जैन से जुड़ी है। बता दे कि गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे उनकी कार में ड्राइवर राजकुमार और कर्मचारी विजय दिल्ली के लिए निकले थे। कार में दुकान की बिक्री के 31 लाख रुपए बैंक में जमा कराने और 30 तोला सोना करोलबाग स्थित एक कारीगर को देने के लिए रखा गया था।
बदमाशों ने खुद को बताया डीआरआई अधिकारी रास्ते में, शहर के हुडा चौक स्थित धर्मा ढाबा के पास, सफेद रंग की अर्टिगा, क्रेटा और कुछ अन्य वाहनों में आए बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी की कार को घेर लिया। लगभग 12 बदमाश गाड़ी से उतरे, जिनमें से दो जबरन सर्राफा व्यापारी की कार में घुस गए। आरोपियों ने की ड्राइवर और कर्मचारी के साथ मारपीट पुलिस को दी शिकायत में विकास जैन ने बताया कि बदमाशों ने खुद को डीआरआई अधिकारी बताया और सामान के बारे में पूछताछ की। जब ड्राइवर ने नकदी और सोना दिखाया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और दोनों के फोन छीनकर बंद कर दिए। कर्मचारी को गुरुग्राम छोड़कर आरोपी फरार इसके बाद, बदमाशों ने ड्राइवर को कार की चाबी वापस कर दी और उसे मालिक को बुलाने के लिए कहा, यह कहते हुए कि वे ‘सेटिंग’ करके सामान छोड़ देंगे। हालांकि, वे दुकान के कर्मचारी विजय को अपने साथ ले गए। दोपहर में, बदमाशों ने कर्मचारी विजय को गुरुग्राम में छोड़ दिया और फरार हो गए। मामले की जांच में जुटी पुलिस विजय ने किसी तरह एक फोन से मालिक विकास जैन को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर सीआईए की टीम कर्मचारी विजय के पास पहुंची और उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के तलाश में चार टीमों का गठन जिला पुलिस प्रवक्ता संजय कादयान के अनुसार कुल चार टीमें बदमाशों की गिरफ्त के लिए गठित की गईं। जिनमें सीआईए पलवल, हथीन व होडल के अलावा शहर थाना प्रभारी की टीम लूटेरों की तलाश में जुटी हुई है। उनका कहना था कि टीमें जुटी हुई है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगी।


