मोतिहारी में पुलिस मित्र ठगी के मास्टरमाइंड की पहचान:SIT ने मुजफ्फरपुर से एक आरोपी को किया गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पर 15000 का इनाम

मोतिहारी में पुलिस मित्र ठगी के मास्टरमाइंड की पहचान:SIT ने मुजफ्फरपुर से एक आरोपी को किया गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पर 15000 का इनाम

मोतिहारी पुलिस ने ‘पुलिस मित्र’ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मास्टरमाइंड पर इनाम घोषित किया गया है और इस मामले में मुजफ्फरपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस जांच में समस्तीपुर निवासी अशोक सम्राट को मुख्य सरगना के रूप में पहचाना गया है। वह ‘पुलिस मित्र’ बहाली के नाम पर युवाओं से पैसे वसूलता था। इस मामले में चिरैया थाना क्षेत्र से असरफ कमाल को गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर मुजफ्फरपुर से विनीत कुमार की गिरफ्तारी हुई। विनीत कुमार ने पूछताछ में बताया कि ठगी की रकम अशोक सम्राट, धर्मेंद्र कुमार और राकेश कुमार तक पहुंचाई जाती थी। मास्टरमाइंड पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित मुख्य आरोपी अशोक सम्राट पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, धर्मेंद्र कुमार और राकेश कुमार पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। एसपी ने यह भी बताया कि इस गिरोह में कुछ यूट्यूबर भी शामिल हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को झांसे में लेते थे। विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम में साइबर डीएसपी और साइबर थाना की पूरी टीम शामिल है। SIT ने देर रात मुजफ्फरपुर से आरोपी विनीत कुमार को गिरफ्तार किया था। SIT की चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही छापेमारी के दौरान चिरैया थाना क्षेत्र से एक ऐसे व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया, जो अपनी गाड़ी पर “पुलिस मित्र बिहार प्रदेश अध्यक्ष” का बोर्ड लगाकर घूम रहा था। एसपी ने बताया कि जांच का दायरा अब मोतिहारी से बढ़कर रोहतास, छपरा, समस्तीपुर, पटना और मुजफ्फरपुर तक फैल गया है। ‘पुलिस मित्र’ के नाम पर चल रहे इस ठगी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए SIT की चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। मोतिहारी पुलिस ने ‘पुलिस मित्र’ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मास्टरमाइंड पर इनाम घोषित किया गया है और इस मामले में मुजफ्फरपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस जांच में समस्तीपुर निवासी अशोक सम्राट को मुख्य सरगना के रूप में पहचाना गया है। वह ‘पुलिस मित्र’ बहाली के नाम पर युवाओं से पैसे वसूलता था। इस मामले में चिरैया थाना क्षेत्र से असरफ कमाल को गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर मुजफ्फरपुर से विनीत कुमार की गिरफ्तारी हुई। विनीत कुमार ने पूछताछ में बताया कि ठगी की रकम अशोक सम्राट, धर्मेंद्र कुमार और राकेश कुमार तक पहुंचाई जाती थी। मास्टरमाइंड पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित मुख्य आरोपी अशोक सम्राट पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, धर्मेंद्र कुमार और राकेश कुमार पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। एसपी ने यह भी बताया कि इस गिरोह में कुछ यूट्यूबर भी शामिल हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को झांसे में लेते थे। विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम में साइबर डीएसपी और साइबर थाना की पूरी टीम शामिल है। SIT ने देर रात मुजफ्फरपुर से आरोपी विनीत कुमार को गिरफ्तार किया था। SIT की चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही छापेमारी के दौरान चिरैया थाना क्षेत्र से एक ऐसे व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया, जो अपनी गाड़ी पर “पुलिस मित्र बिहार प्रदेश अध्यक्ष” का बोर्ड लगाकर घूम रहा था। एसपी ने बताया कि जांच का दायरा अब मोतिहारी से बढ़कर रोहतास, छपरा, समस्तीपुर, पटना और मुजफ्फरपुर तक फैल गया है। ‘पुलिस मित्र’ के नाम पर चल रहे इस ठगी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए SIT की चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।  

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