प्रतापगढ़ में लापता 10 साल की बालिका को पुलिस ने चार घंटे में सकुशल ढूंढा, परिजनों में लौटी खुशी

प्रतापगढ़ में लापता 10 साल की बालिका को पुलिस ने चार घंटे में सकुशल ढूंढा, परिजनों में लौटी खुशी

Pratapgarh News: प्रतापगढ़ शहर के किला परिसर क्षेत्र में अचानक लापता हुई बालिका यशस्वी को प्रतापगढ़ पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर सकुशल ढूंढकर परिजनों की चिंता को खुशी में बदल दिया। यह घटना पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता का एक उज्जवल उदाहरण बन गई।

किला परिसर निवासी सुरेंद्र सिंह की दस साल की बेटी यशस्वी बुधवार शाम करीब पांच बजे साइकिल से कस्बा चौकी के पास दूध लेने निकली थी। लेकिन लंबे समय तक घर न लौटने पर परिवार में चिंता की लहर दौड़ गई।

बालिका का मोबाइल फोन भी कुछ समय बाद स्विच ऑफ हो गया, जिससे परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क कर बालिका के नहीं मिलने के बारे में बताया।

पुलिस की तत्परता और समन्वय

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और पुलिस उप अधीक्षक गजेंद्र सिंह राव तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए। कोतवाली थाना क्षेत्र से विभिन्न टीमों को गठित कर शहरभर में सघन तलाश अभियान शुरू किया गया। लगभग 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की गई और साइबर सेल को सक्रिय कर तकनीकी साक्ष्यों का अध्ययन किया गया।

मोबाइल लोकेशन और अंतरराज्यीय सहयोग

मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि यशस्वी प्रतापगढ़ बस स्टैंड से मंदसौर जाने वाली बस में सवार हो गई थी। इसके बाद वह मंदसौर से ट्रेन द्वारा नीमच-चितौडगढ़़़ रूट पर रवाना हुई। प्रतापगढ़ पुलिस ने तुरंत मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, रतलाम और पिपल्यामंडी तथा राजस्थान के चित्तौड़गढ़़़, भीलवाड़ा और कोटा पुलिस को अलर्ट किया और सभी के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा।

सुरक्षा में सकुशल बरामदगी

लगातार मॉनिटरिंग और समन्वय के परिणामस्वरूप पुलिस टीम नीमच रेलवे स्टेशन पर पहुंची और बालिका को सकुशल डिटेन कर लिया। देर रात यशस्वी को पुलिस संरक्षण में सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया, जहां परिजनों ने उसे देखकर राहत की सांस ली।

पुलिस के चहूमुंखी प्रयासों की सराहना

बालिका के सकुशल मिलने के बाद परिजनों सहित हर किसी ने पुलिस के त्वरित, संवेदनशील और मानवीय प्रयासों की जमकर सराहना की। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर, संगठित और भावनात्मक दृष्टि से सजग कार्रवाई से किसी भी बड़े अनहोनी को रोका जा सकता है। प्रतापगढ़ पुलिस की यह तत्परता न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करती है।

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