बिलासपुर जिले में एक लापता व्यक्ति को पुलिस डॉग विमला ने 10 किलोमीटर की तलाश के बाद घने जंगल से बेहोशी हालत में ढूंढ निकाला। यह व्यक्ति दो दिन पहले खेत से गायब हुआ था। यह घटना बेलगहना पुलिस चौकी क्षेत्र के डांडबछाली गांव की है। 21 फरवरी को अरुण सिंह सिदार ने बेलगहना थाने में अपने चाचा तरुण सिदार (48 वर्ष) के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तरुण 19 फरवरी की सुबह तुलुफ गांव स्थित अपने खेत जाने के लिए घर से निकले थे और रात तक वापस नहीं लौटे। 19 फरवरी से लापता थे परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में उन्हें पता चला कि तरुण सिदार को घटना वाले दिन अपने साथियों भक्तनारायण, सूरज सिंह, बलराम सिदार और शत्रुहन सिदार के साथ तुलुफ के खेत में शराब पीते हुए देखा गया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बेलगहना पुलिस चौकी में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और अनुविभागीय अधिकारी नूपुर उपाध्याय के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। बेलगहना पुलिस ने संदिग्ध घटनास्थल पर लगातार तलाश अभियान चलाया। तलाश के दौरान टोपी और चप्पल बरामद पुलिस ने लापता तरुण सिदार के साथियों से पूछताछ की, लेकिन नशे की हालत में होने के कारण वे कोई जानकारी नहीं दे पाए। आखिरकार, तलाश के दौरान तरुण सिंह की टोपी और चप्पल मौके पर बरामद हुई। इसके बाद बेलगहना पुलिस ने डॉग स्क्वाड की मदद ली। बिलासपुर से पुलिस डॉग विमला और डॉग हैंडलर मनोज साहू को घटनास्थल पर भेजा गया। डॉग विमला ने टोपी और चप्पल की गंध के सहारे लगभग 10 किलोमीटर तक घने जंगल में तलाश की। आखिरकार, डॉग विमला अचेत अवस्था में पड़े तरुण सिदार तक पहुंच गई, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। भूख-प्यास से जंगल में अचेत मिला युवक डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने घटना स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर पहाड़बछाली के घने जंगल में तरुण सिंह सिदार को अचेत हालत में पाया। डॉग ने मौके से मिली वस्तुओं को सूंघकर रास्ता खोजा और टीम को जंगल तक पहुंचाया। प्रारंभिक इलाज के बाद तरुण ने बताया कि वह ज्यादा नशे में था। वह रातभर भूखे-प्यासे जंगल में ही भटकता रहा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। डॉग विमला ने कई मामले साल्व किए पुलिस का कहना है कि अगर समय पर उसे नहीं ढूंढा जाता, तो जंगल में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पुलिस डॉग ‘विमला’ की मदद से पहले भी कई मामलों को सुलझाने में सफलता मिली है।


