पुलिस कमिश्नर ने बनाया साइबर अपराधियों पर नकेल का ब्लूप्रिंट:2025 में पहली बार कॉल सेंटर और म्यूल खातों का खुलासे उपलब्धि, थानों की साइबर टीम भी परखी

पुलिस कमिश्नर ने बनाया साइबर अपराधियों पर नकेल का ब्लूप्रिंट:2025 में पहली बार कॉल सेंटर और म्यूल खातों का खुलासे उपलब्धि, थानों की साइबर टीम भी परखी

वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मंगलवार की रात कैंप कार्यालय पर साइबर क्राइम के कंट्रोल और अपराधियों पर एक्शन का ब्लूप्रिंट तैयार किया। साइबर सेल के साथ जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों को बुलाकर फीडबैक लिया। समीक्षा गोष्ठी आयोजित कर साइबर अपराध नियंत्रण की प्रगति का आकलन किया। डीसीपी क्राइम, एडीसीपी क्राइम और एसीपी क्राइम को साइबर फ्रॉड के प्रत्येक प्रकरण की गुणवत्ता आधारित गहन समीक्षा कर कार्यवाही पर बल दिया गया, जिसकी साप्ताहिक समीक्षा जोन के साइबर नोडल प्रभारी करेंगे।आमजनमानस को साइबर अपराधों से बचाव हेतु सोशल मीडिया, गोष्ठियों, विद्यालयों एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। प्रतिबिम्ब पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक नई सेल का गठन किया गया, जिसकी नियमित समीक्षा पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल करेंगे। सीपी ने समस्त प्रकरणों में अभियुक्तों का पूर्ण व सही विवरण समन्वय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से भरने के निर्देश दिए, जिससे अपराधियों का समुचित डाटाबेस तैयार हो सके और भविष्य में प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो।

मंगलवार की रात पुलिस कमिश्नर ने साइबर क्राइम टीम के साथ समीक्षा बैठक की। समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2025 में 6 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 76 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। 44 म्यूल अकाउंट संचालकों तथा फर्जी सिम जारी करने वाली 15 फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। यह साइबर आपराधी वाराणसी से ही काल सेन्टर चला कर देश और विदेश के लोगों को ठगा करते थे। कॉल सेन्टर का भंडाफोड कर पहली बार नकेल कसी गई। पुलिस आयुक्त द्वारा तकनीक का प्रयोग करते हुए वर्ष 2026 में भी इसी प्रकार साइबर अपराधियों पर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। साइबर सेल द्वारा वर्ष 2025 में 9.5 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए तथा 1 जनवरी 2026 से 10 फरवरी 2026 तक लगभग 1 करोड़ रुपये की राशि होल्ड और फ्रीज कराई गई। वर्ष 2025 से अब तक 5273 मोबाइल नंबर ब्लॉक, 1290 IMEI डिएक्टिवेट एवं 115 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय किए गए। शिकायतों के निस्तारण दर को 44% से बढ़ाकर 87% किया गया तथा Lien Time को 4 घंटे से घटाकर 14 मिनट करना त्वरित समन्वय का परिणाम बताया गया। IMEI व मोबाइल ब्लॉकिंग, लीन अमाउंट वृद्धि, फर्जी POS व अवैध सिम संचालकों पर कठोर कार्रवाई, प्रतिबिम्ब पोर्टल हेतु नए सेल का गठन किया गया। टीम ने बताया कि समन्वय पोर्टल पर अनिवार्य डेटा फीडिंग, गुणवत्ता आधारित साप्ताहिक समीक्षा एवं व्यापक साइबर जागरूकता अभियान संचालित करने पर विशेष बल दिया गया।। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक प्रियदर्शी, अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध नीतू कादयान, एसीपी विदुष सक्सेना सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

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