“शिब्बू खान मुर्दाबाद…” का नारा शनिवार को जबलपुर के उस इलाके में गूंजा, जहां की जनता कुख्यात बदमाश के आतंक से परेशान थी। हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट और अवैध वसूली जैसे मामलों में लिप्त बदमाश शिब्बू खान को गिरफ्तार करने के बाद गढ़ा थाना पुलिस ने उसका और उसके साथी का उसी क्षेत्र में जुलूस निकाला, जहां उसने दहशत फैला रखी थी। 2 और 3 फरवरी को शिब्बू खान ने अपने साथी के साथ मिलकर छुईखदान निवासी लालू पटेल से 20 हजार रुपये की मांग की थी। रकम देने से इनकार करने पर उसने पिस्टल से फायरिंग कर दी थी। लम्हेटाघाट से पकड़ा गया फायरिंग की वारदात के बाद शिब्बू खान अपने साथी अतुल साहू के साथ फरार हो गया था। गुरुवार रात गढ़ा थाना पुलिस को सूचना मिली कि वह लम्हेटाघाट में है और एक्टिवा से भेड़ाघाट की ओर जा रहा है। पुलिस ने घेराबंदी की। पकड़ने की कोशिश के दौरान आरोपी भागने लगा और गिरने से उसके पैर में गंभीर चोट आ गई। शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उन्हें छुई खदान क्षेत्र ले गई, जहां जुलूस निकाला गया। इस दौरान स्थानीय महिलाएं और बच्चों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए। स्थानीय निवासी शालिनी पटेल ने बताया कि शिब्बू खान की गिरफ्तारी से पूरा मोहल्ला खुश है। महिलाओं का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर जेल से बाहर नहीं आना चाहिए, क्योंकि बाहर आते ही फिर अपराध में लिप्त हो जाएगा। उनका कहना है कि उसके डर से महिलाएं घर से निकलने में डरती थीं और बच्चे स्कूल नहीं जा पाते थे। हर बदमाश का यही हाल होगा सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि शिब्बू खान को पहले भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद उसने दोबारा अपराध किया। 2 और 3 फरवरी को उसने साथियों के साथ मिलकर लालू पटेल पर फायरिंग कर हत्या का प्रयास किया था। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। जनता में अपराधियों का डर खत्म करने के उद्देश्य से उन्हें उसी इलाके में ले जाया गया, जहां वे बदमाशी करते थे। सीएसपी ने बताया कि शिब्बू खान पहले भी लालू पटेल पर हमला कर चुका है।


