लखनऊ के मड़ियांव इलाके में 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध मौत का मामला उलझता जा रहा है। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। शुक्रवार को पुलिस टीम आरोपी मौसा को दोबारा घटनास्थल पर लेकर पहुंची और पूरे घटनाक्रम को रीक्रिएट कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौसा के बयान के आधार पर रूट चार्ट तैयार कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन अभी तक कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है। मामले में लगातार दूसरे दिन भी मौसा से पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि मड़ियांव के दाउद नगर में रहने वाली किशोरी अपने माता-पिता के बिना मौसी और भाई के साथ रहती थी। बुधवार रात वह मौसा के साथ दवा लेने निकली थी। घर से निकलने के करीब 45 मिनट बाद मौसा ने फोन कर भाई को बताया कि पीपे वाले पुल के पास कार सवारों ने किशोरी का अपहरण कर लिया है। परिजन मौके पर पहुंचे तो मौसा नशे की हालत में मिला। तलाश के दौरान किशोरी के कपड़े और चप्पल झाड़ियों में मिले। करीब 12 घंटे बाद एसडीआरएफ टीम ने गोमती नदी से किशोरी का अर्धनग्न शव बरामद किया। शुरुआती जांच में मौसा पर दुष्कर्म के बाद हत्या का शक जताया गया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है। वहीं दुष्कर्म की आशंका को लेकर सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा के मुताबिक, मौसा को दोबारा घटनास्थल पर ले जाकर बयान दर्ज किए गए हैं। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और हर एंगल से जांच जारी है।


