पोकरण कस्बे में पाइपलाइन सुधार के नाम पर की जा रही खुदाई अब आमजन के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। मुख्य चौराहे, अंबेडकर सर्किल जाने वाले मार्ग और फोर्ट रोड पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य तो किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद सड़कों का समतलीकरण नहीं होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जगह-जगह गड्ढे खुले पड़े हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार कस्बे में चार से पांच दशक पूर्व बिछाई गई जलदाय विभाग की पाइपलाइनें जर्जर हो चुकी हैं। पाइपलाइन सड़ने के कारण बार-बार लीकेज की समस्या सामने आ रही थी। इसी समस्या के समाधान के लिए पुरानी पाइपलाइनों को बदलने का कार्य शुरू किया गया है।
हालांकि कार्य की धीमी गति और लापरवाही ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुख्य चौराहे व्यास सर्किल पर पिछले पांच-छह दिनों से एक बड़ा गड्ढा खुला पड़ा है। दो ओर पुलिस बैरिकेड्स और एक ओर डिवाइडर लगाकर आंशिक रूप से ढका गया है, लेकिन एक ओर से पूरी तरह खुला होने के कारण खतरा बना हुआ है। इसके अलावा कस्बे के अन्य हिस्सों में भी दो-तीन स्थानों पर गड्ढे खुले पड़े हैं, जिनसे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। तीन दिन पहले मुख्य चौराहे पर पड़ी निर्माण सामग्री से टकराकर एक बाइक सवार गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बावजूद हालात सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है। भवानीपुरा क्षेत्र में कार्य पूरा होने के बाद अंबेडकर सर्किल से मुख्य चौराहे होते हुए फोर्ट रोड तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य जारी है। अंबेडकर सर्किल से सुभाष चौक तक पाइपलाइन डालने के बाद सड़क को समतल नहीं किया गया है। गड्ढों में केवल रेत डालकर छोड़ दिया गया है, जिससे आवागमन और अधिक कठिन हो गया है।
मिट्टी और रेत के ढेर के कारण राहगीरों को चलने में दिक्कत
मिट्टी और रेत के ढेर के कारण राहगीरों को चलने में दिक्कत हो रही है, वहीं वाहन चालकों को भी जोखिम उठाना पड़ रहा है। रात के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब गड्ढे स्पष्ट दिखाई नहीं देते और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द सड़कों का समतलीकरण करने और गड्ढों को भरने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।


