Howard Lutnick Statement: ट्रंप के बड़े-बड़े दावों के बाद उनकी पोल खुलती दिखाई दे रही है। हाल ही में ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलना चाहते हैं और ट्रेड डील पर बात करना चाहते हैं। ट्रंप ने यहां तक दावा किया था कि प्रधानमंत्री ने उन्हें “सर” कहकर संबोधित किया था।
हालांकि अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ट्रंप के इन दावों की पोल खोलते हुए नजर आ रहे हैं। सचिव हावर्ड ने शुक्रवार को ट्रंप के बड़े-बड़े दावों के ठीक तीन दिन बाद एक पॉडकास्ट में पूरी तस्वीर ही पलट दी।
पॉडकास्ट में हावर्ड लुटनिक ने खुलासा किया कि भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ा व्यापारिक समझौता होना था। हालांकि, यह समझौता टूट गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया था। ट्रंप के दावों में विरोधाभास के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप अपने घरेलू वोटरों को लुभाने के लिए विदेशी नेताओं के साथ अपने निजी संबंधों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं।
दुनिया के बड़े नेता झुकने को तैयार
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति यह दिखाना चाहते थे कि उनकी टैरिफ नीति काम कर रही है। साथ ही दुनिया के बड़े-बड़े नेता उनके द्वारा लिए गए कठोर फैसलों के बाद झुकने को तैयार हैं और व्यापारिक समझौता करना चाहते हैं।
हालांकि ट्रंप के द्वारा किए गए दावों को तीन दिन भी नहीं बीते और उनके दावों की पोल उनकी ही सरकार से जुड़े अधिकारी ने खोल दी। सचिव हावर्ड लुटनिक ने कहा कि व्यापारिक समझौता अपने अंतिम चरण में था। प्रधानमंत्री को अमेरिकी राष्ट्रपति को फोन करना था और समझौते पर बात करनी थी। हालांकि भारत इसके लिए असहज था और दोनों नेताओं के बीच बात नहीं हो पाई।
एस जयशंकर की विदेश नीति
भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तरीका एकदम अलग है। वह अन्य देशों के साथ अलग तरीके से डील करते हैं, तो अपने ही देश अमेरिका के साथ भी डील करने का उनका तरीका काफी अलग है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने विदेश नीति पर अपनी राय रखते हुए कहा था कि विदेश नीति खुलेआम तरीके से नहीं होती है। इसमें कुछ चीजें ढकी-छुपी होनी चाहिए। जयशंकर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुलेआम तरीके से विदेश नीति करते हैं।
हालांकि कई विशेषज्ञों का भी ट्रंप की विदेश नीति पर यही मानना है। उनका मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप विदेश नीति की हर बात खुलेआम बोलते हैं। कई मौकों पर तो देखा गया है कि किसी मुद्दे पर उनके और उनकी सरकार के स्टैंड में विरोधाभास होता है।
PM मोदी ने ‘सर’ कहा
हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया था। पिछले कुछ दिनों से भारत के प्रति ट्रंप के तेवर कुछ कड़वाहट भरे नजर आए।
ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए दावा किया था कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का भारी प्रभाव भारत पर पड़ा है।
साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि कड़े टैरिफ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन किया और उन्होंने बेहद सम्मानजनक लहजे में बातचीत की।
बातचीत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘सर’ कहकर संबोधित किया था। ट्रंप ने कहा कि PM मोदी ने उनसे पूछा, “सर, क्या मैं आ सकता हूं?” हालांकि उनकी ही सरकार के अधिकारी के बयान ट्रंप के दावों से मेल नहीं खाते हैं।


