केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी आज राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में पहुंचे। यहां उन्होंने दो दिवसीय ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रदर्शनी सह व्यापार मेला’ का विधिवत उद्घाटन किया। एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, पटना की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मांझी ने दीप प्रज्ज्वलित कर और रिबन काटकर मेले की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और योजना की बारीकियों पर प्रकाश डाला। बिचौलिया मुक्त और सीधी मदद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक शिल्पकारों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति के 46 सालों के अनुभव में मैंने पहली बार ऐसी योजना देखी है, जहां बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं है। सहायता सीधे लाभार्थी तक पहुंचती है। हम कारीगरों को 15 हजार रुपये नगद देने के बजाय आधुनिक ‘टूलकिट’ दे रहे हैं ताकि वे अपने कौशल को निखार सकें। बिना गारंटी लोन और बैंक की जवाबदेही योजना के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभों की चर्चा करते हुए मांझी ने बताया कि टूलकिट मिलने के बाद यदि कारीगर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो उन्हें बिना किसी गारंटी के 1 लाख रुपये का ऋण दिया जाता है। इसके सफल भुगतान के बाद 4 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 लाख रुपये का अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बैंकों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि वित्त मंत्रालय का स्पष्ट आदेश है कि बैंक अधिकारी लाभार्थियों के घर जाकर लोन की प्रक्रिया पूरी करें, न कि कारीगरों को बैंक के चक्कर लगाने पड़ें। राजगीर और पूर्णिया में खुलेगा एक्सटेंशन सेंटर राजगीर में बुनियादी ढांचे की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि सात स्वीकृत एक्सटेंशन सेंटरों में से पांच शुरू हो चुके हैं, लेकिन राजगीर और पूर्णिया में उपयुक्त जगह (10,000 स्क्वायर फीट) न मिलने के कारण देरी हुई है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी ने इस देरी के लिए हमें डांटा भी है। मैं खुद जगह की तलाश कर रहा हूँ और जल्द ही यहां एक्सटेंशन सेंटर खुलेगा। गैस किल्लत और राजनीति पर प्रहार केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने देश में गैस की किल्लत की खबरों को ‘मानव निर्मित’ और ‘अफवाह’ करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की कूटनीतिक सफलता से ईरान के रास्ते आने वाले पोतों का मार्ग खुल गया है और दो दिनों में आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। वहीं, आने वाले राज्यसभा चुनाव पर आत्मविश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए के पास पूर्ण बहुमत है। महागठबंधन के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पास संख्या बल (38 और उससे अधिक) है, जबकि विपक्ष के पास पर्याप्त वोट नहीं हैं। मेले का आकर्षण मेले में बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी और सुनार जैसे 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों ने लगभग 110 स्टॉल लगाए हैं। उद्घाटन सत्र में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में एमएसएमई-डीएफओ पटना के निदेशक आर.के. चौधरी, नालंदा डीडीसी शुभम कुमार समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। अंत में सहायक निदेशक घमंडी लाल मीणा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी आज राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में पहुंचे। यहां उन्होंने दो दिवसीय ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रदर्शनी सह व्यापार मेला’ का विधिवत उद्घाटन किया। एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, पटना की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मांझी ने दीप प्रज्ज्वलित कर और रिबन काटकर मेले की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और योजना की बारीकियों पर प्रकाश डाला। बिचौलिया मुक्त और सीधी मदद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक शिल्पकारों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति के 46 सालों के अनुभव में मैंने पहली बार ऐसी योजना देखी है, जहां बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं है। सहायता सीधे लाभार्थी तक पहुंचती है। हम कारीगरों को 15 हजार रुपये नगद देने के बजाय आधुनिक ‘टूलकिट’ दे रहे हैं ताकि वे अपने कौशल को निखार सकें। बिना गारंटी लोन और बैंक की जवाबदेही योजना के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभों की चर्चा करते हुए मांझी ने बताया कि टूलकिट मिलने के बाद यदि कारीगर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो उन्हें बिना किसी गारंटी के 1 लाख रुपये का ऋण दिया जाता है। इसके सफल भुगतान के बाद 4 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 लाख रुपये का अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बैंकों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि वित्त मंत्रालय का स्पष्ट आदेश है कि बैंक अधिकारी लाभार्थियों के घर जाकर लोन की प्रक्रिया पूरी करें, न कि कारीगरों को बैंक के चक्कर लगाने पड़ें। राजगीर और पूर्णिया में खुलेगा एक्सटेंशन सेंटर राजगीर में बुनियादी ढांचे की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि सात स्वीकृत एक्सटेंशन सेंटरों में से पांच शुरू हो चुके हैं, लेकिन राजगीर और पूर्णिया में उपयुक्त जगह (10,000 स्क्वायर फीट) न मिलने के कारण देरी हुई है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी ने इस देरी के लिए हमें डांटा भी है। मैं खुद जगह की तलाश कर रहा हूँ और जल्द ही यहां एक्सटेंशन सेंटर खुलेगा। गैस किल्लत और राजनीति पर प्रहार केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने देश में गैस की किल्लत की खबरों को ‘मानव निर्मित’ और ‘अफवाह’ करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की कूटनीतिक सफलता से ईरान के रास्ते आने वाले पोतों का मार्ग खुल गया है और दो दिनों में आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। वहीं, आने वाले राज्यसभा चुनाव पर आत्मविश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए के पास पूर्ण बहुमत है। महागठबंधन के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पास संख्या बल (38 और उससे अधिक) है, जबकि विपक्ष के पास पर्याप्त वोट नहीं हैं। मेले का आकर्षण मेले में बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी और सुनार जैसे 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों ने लगभग 110 स्टॉल लगाए हैं। उद्घाटन सत्र में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में एमएसएमई-डीएफओ पटना के निदेशक आर.के. चौधरी, नालंदा डीडीसी शुभम कुमार समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। अंत में सहायक निदेशक घमंडी लाल मीणा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


