संसद परिसर में 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सम्मेलन का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कार्यक्रम संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में होगा। यह सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक चलेगा। पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहुंच गए हैं। नामीबिया के डिप्टी स्पीकर और मॉन्टसेराट का प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन स्थल पर पहुंच चुका है। सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संभाल रहे हैं। इसमें कॉमनवेल्थ के 42 देशों से 61 स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। CSPOC में संसद से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा होगी। मकसद लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और संसद के कामकाज को बेहतर बनाना है। चर्चा में स्पीकर्स की भूमिका, संसद में तकनीक का इस्तेमाल और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषय शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस में इन 5 मुद्दों पर चर्चा होगी 14 से 16 जनवरी तक चलेगा सम्मेलन सम्मेलन से पहले बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। 28वां CSPOC सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक भारतीय संसद की मेजबानी में हो रहा है। भागीदारी के लिहाज से इसे अब तक का सबसे बड़ा CSPOC सम्मेलन बताया जा रहा है। ज्यादातर काम ऑनलाइन, कागज का इस्तेमाल नहीं सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओम बिरला ने कहा था कि सम्मेलन में साझा संसदीय मूल्यों, लोकतांत्रिक शासन और सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन से जुड़ा ज्यादातर काम ऑनलाइन हुआ है और कागज का इस्तेमाल नहीं किया गया। पाकिस्तान शामिल नहीं, बांग्लादेश में स्पीकर नहीं सवालों के जवाब में ओम बिरला ने बताया कि पाकिस्तान इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहा है। वहीं, बांग्लादेश में इस समय स्पीकर का पद खाली है और वहां अगले महीने आम चुनाव होने हैं। CSPOC का पिछला यानी 27वां सम्मेलन जनवरी 2024 में युगांडा में हुआ था। इस बार 28वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है।
PM मोदी आज 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का करेंगे उद्घाटन:42 देशों के 61 स्पीकर्स-ऑफिसर्स शामिल, संविधान सदन में आयोजन


