बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही मोतिहारी की चीनी मिल में उत्पादित चीनी से बनी चाय का सेवन करेंगे। मंत्री ने यह बात मोतिहारी में कही। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान अपने एक दिवसीय मोतिहारी दौरे पर थे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार मोतिहारी की बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने के लिए गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार ने राज्य की कुल 25 चीनी मिलों को चालू करने का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया था मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें गन्ना उद्योग विभाग के सचिव भी सदस्य हैं। यह समिति चीनी मिलों के पुनरुद्धार से संबंधित सभी पहलुओं पर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द मिलने की उम्मीद है। ”चीनी मिल को सहकारिता विभाग को सौंपा गया” संजय पासवान ने यह भी बताया कि चीनी मिल को सहकारिता विभाग को सौंपा गया है। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद इस पर तेजी से काम शुरू होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करके गन्ना किसानों को लाभ पहुंचाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। 5 सालों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना लक्ष्य उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले 5 सालों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में चीनी मिल उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, गन्ना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और संबंधित क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही मोतिहारी की चीनी मिल में उत्पादित चीनी से बनी चाय का सेवन करेंगे। मंत्री ने यह बात मोतिहारी में कही। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान अपने एक दिवसीय मोतिहारी दौरे पर थे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार मोतिहारी की बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने के लिए गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार ने राज्य की कुल 25 चीनी मिलों को चालू करने का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया था मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें गन्ना उद्योग विभाग के सचिव भी सदस्य हैं। यह समिति चीनी मिलों के पुनरुद्धार से संबंधित सभी पहलुओं पर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द मिलने की उम्मीद है। ”चीनी मिल को सहकारिता विभाग को सौंपा गया” संजय पासवान ने यह भी बताया कि चीनी मिल को सहकारिता विभाग को सौंपा गया है। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद इस पर तेजी से काम शुरू होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करके गन्ना किसानों को लाभ पहुंचाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। 5 सालों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना लक्ष्य उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले 5 सालों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में चीनी मिल उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, गन्ना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और संबंधित क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।


