Pm Employment Scheme: @अनुराग सिंह। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रथम किस्त का लाभ मार्च के अंत तक मिलेगा। इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने संबंधित सदस्यों एवं प्रतिष्ठानों के लिए निर्देशों जारी किए है। इसके अनुसार, प्रत्येक नए जॉइनर / प्रथम बार सदस्य के लिए एफएटी (फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी) के माध्यम से यूएएन का प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। बिना एफएटी प्रमाणीकरण के योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
इसके साथ ही सदस्य के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राशि अंतरित की जाएगी। इसलिए सदस्य का बैंक खाता डीबीटी सक्षम होना अनिवार्य है। वही प्रतिष्ठानों हेतु नियमित ईसीआर (इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न) दाखिल करना अनिवार्य है। जिन प्रतिष्ठानों द्वारा नियमित रूप से ईसीआर दाखिल नहीं किया जा रहा है या अंशदान समय पर जमा नहीं किया जा रहा है, वे स्वयं एवं उनके कर्मचारी योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
सभी प्रतिष्ठानों के लिए नियमित रूप से ईसीआर दाखिल करना एवं अंशदान समय पर जमा करना अनिवार्य है। यदि किसी सदस्य को किसी प्रकार की कठिनाई हो, तो वह संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होकर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
पंजीकरण के लिए आधिकारिक पोर्टल
योजना का आधिकारिक पोर्टल है: pmvbry.epfindia.gov.in यहां नियोक्ता और कर्मचारी पात्रता जांच सकते हैं, स्थिति ट्रैक कर सकते हैं और योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
लॉगिन और कर्मचारी अपडेट के लिए नियोक्ता ईपीएफओ वेबसाइट पर पीएमवीबीआरवाई लॉगिन विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। pmvbry.labour.gov.in पर अधिसूचनाएं और परिपत्र उपलब्ध होंगे।
मैनुअल पंजीकरण की ज़रूरत नहीं है क्योंकि सिस्टम ईसीआर फाइलिंग और यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) डेटा के आधार पर लाभार्थियों की पहचान करता है।
योजना का उद्देश्य
युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना
स्वरोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देना
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन
प्रमुख फोकस क्षेत्र
स्किल डेवलपमेंट (कौशल प्रशिक्षण)
स्टार्टअप और स्वरोजगार को प्रोत्साहन
MSME और उद्योगों में रोजगार बढ़ाना
इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण कार्यों के जरिए नौकरियां
संभावित लाभार्थी
बेरोजगार युवा
तकनीकी और गैर-तकनीकी प्रशिक्षित लोग
ग्रामीण क्षेत्र के नौकरी तलाशने वाले
छोटे उद्यम शुरू करने के इच्छुक लोग
कैसे मिलेगा लाभ
सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण
ऋण/सब्सिडी योजनाओं से स्वरोजगार सहायता
रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंप के जरिए नौकरी के अवसर


