कटिहार में पान दुकानदार के बेटे पीयूष बने आर्ट्स टॉपर:92.6% से जिला अव्वल, पढ़ाई के साथ पिता का सहारा, शिक्षक बनने का सपना

बिहार इंटरमीडिएट 12वीं परीक्षा के परिणाम सोमवार को घोषित कर दिए गए। कटिहार जिले में हरिशंकर नायक उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र पीयूष कुमार ने कला संकाय में 92.6�अंक प्राप्त कर जिला टॉपर का खिताब हासिल किया है। पीयूष ने 500 में से कुल 463 अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता संतोष कुमार गुप्ता एक छोटी पान की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पीयूष पढ़ाई के साथ-साथ अपने पिता के काम में भी हाथ बटाते हैं। पीयूष आगे चलकर शिक्षक बनना चाहते हैं और अपनी पढ़ाई कॉमर्स स्ट्रीम से जारी रखने की इच्छा रखते हैं। हालांकि, उन्हें इस बात का मलाल है कि वह बिहार टॉपर नहीं बन पाए। पिता पान की दुकान चलाते हैं
पीयूष के पिता कटिहार सदर प्रखंड के मिर्चें बारी आईटीआई मोड़ के पास पान की दुकान चलाते हैं। इसी दुकान से वह अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ परिवार का गुजारा करते हैं। पीयूष की सफलता यह साबित करती है कि महंगी कोचिंग सफलता के लिए अनिवार्य नहीं है। पीयूष बताते हैं कि उनके पिता ने उन्हें कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी। वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के ‘सब पढ़ें, सब बढ़ें’ मिशन को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षक बनकर सुदूर इलाकों के बच्चों को शिक्षित करना चाहते हैं। दैनिक भास्कर संवाददाता से बात करते हुए पीयूष के पिता संतोष गुप्ता अपने बेटे की उपलब्धि पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वह पीयूष की सफलता से बेहद खुश हैं और आगे भी बेटे को जो कुछ भी बनना होगा, उसमें पूरा सहयोग करेंगे। शिक्षक को भी सराहा
वही पीयूष ने अपनी सफलता के पीछे अपने माता-पिता के साथ अपने सबसे प्रिय शिक्षक ज्ञान वाटिका के डायरेक्टर राघव भारद्वाज एवं मिथुन झा के योगदान को सराहा है। छात्र की सफलता पर शिक्षक राघव भारद्वाज भी काफी खुश हैं, प्रफुल्लित हैं और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीयूष शुरुआती दौर से ही पढ़ाई के प्रति काफी लग्नशील रहा है। और अपनी बैच का अनुशासित छात्र रहा है। वही पीयूष ने अपनी सफलता के पीछे अपने माता-पिता के साथ अपने सबसे प्रिय शिक्षक ज्ञान वाटिका के डायरेक्टर राघव भारद्वाज एवं मिथुन झा के योगदान को सराहा है। छात्र की सफलता पर शिक्षक राघव भारद्वाज भी काफी खुश हैं, प्रफुल्लित हैं और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीयूष शुरुआती दौर से ही पढ़ाई के प्रति काफी लग्नशील रहा है। और अपनी बैच का अनुशासित छात्र रहा है। बिहार इंटरमीडिएट 12वीं परीक्षा के परिणाम सोमवार को घोषित कर दिए गए। कटिहार जिले में हरिशंकर नायक उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र पीयूष कुमार ने कला संकाय में 92.6�अंक प्राप्त कर जिला टॉपर का खिताब हासिल किया है। पीयूष ने 500 में से कुल 463 अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता संतोष कुमार गुप्ता एक छोटी पान की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पीयूष पढ़ाई के साथ-साथ अपने पिता के काम में भी हाथ बटाते हैं। पीयूष आगे चलकर शिक्षक बनना चाहते हैं और अपनी पढ़ाई कॉमर्स स्ट्रीम से जारी रखने की इच्छा रखते हैं। हालांकि, उन्हें इस बात का मलाल है कि वह बिहार टॉपर नहीं बन पाए। पिता पान की दुकान चलाते हैं
पीयूष के पिता कटिहार सदर प्रखंड के मिर्चें बारी आईटीआई मोड़ के पास पान की दुकान चलाते हैं। इसी दुकान से वह अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ परिवार का गुजारा करते हैं। पीयूष की सफलता यह साबित करती है कि महंगी कोचिंग सफलता के लिए अनिवार्य नहीं है। पीयूष बताते हैं कि उनके पिता ने उन्हें कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी। वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के ‘सब पढ़ें, सब बढ़ें’ मिशन को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षक बनकर सुदूर इलाकों के बच्चों को शिक्षित करना चाहते हैं। दैनिक भास्कर संवाददाता से बात करते हुए पीयूष के पिता संतोष गुप्ता अपने बेटे की उपलब्धि पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वह पीयूष की सफलता से बेहद खुश हैं और आगे भी बेटे को जो कुछ भी बनना होगा, उसमें पूरा सहयोग करेंगे। शिक्षक को भी सराहा
वही पीयूष ने अपनी सफलता के पीछे अपने माता-पिता के साथ अपने सबसे प्रिय शिक्षक ज्ञान वाटिका के डायरेक्टर राघव भारद्वाज एवं मिथुन झा के योगदान को सराहा है। छात्र की सफलता पर शिक्षक राघव भारद्वाज भी काफी खुश हैं, प्रफुल्लित हैं और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीयूष शुरुआती दौर से ही पढ़ाई के प्रति काफी लग्नशील रहा है। और अपनी बैच का अनुशासित छात्र रहा है। वही पीयूष ने अपनी सफलता के पीछे अपने माता-पिता के साथ अपने सबसे प्रिय शिक्षक ज्ञान वाटिका के डायरेक्टर राघव भारद्वाज एवं मिथुन झा के योगदान को सराहा है। छात्र की सफलता पर शिक्षक राघव भारद्वाज भी काफी खुश हैं, प्रफुल्लित हैं और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीयूष शुरुआती दौर से ही पढ़ाई के प्रति काफी लग्नशील रहा है। और अपनी बैच का अनुशासित छात्र रहा है।  

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