उत्तर प्रदेश पुलिस के इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम (IGRS) और जनशिकायतों के निस्तारण की मासिक रैंकिंग में पीलीभीत जनपद ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जनवरी माह की इस रैंकिंग में पीलीभीत पुलिस को यह उपलब्धि शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कारण मिली है। इस रैंकिंग की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि जिले के 17 थानों ने 100 में से 100 अंक प्राप्त किए। इन थानों ने न केवल शिकायतों को सुना, बल्कि उनका विधिक समाधान भी सुनिश्चित किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले थानों में जहानाबाद, दियोरिया कलां, पूरनपुर, न्यूरिया, बीसलपुर, सुनगढ़ी, बरखेड़ा, कोतवाली, माधोटांडा, गजरौला, बिलसंडा, अमरिया, सेहरामऊ उत्तरी, हजारा, करेली, घुंघचाई और महिला थाना शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा यह रैंकिंग कुल 11 कड़े मानकों के आधार पर तैयार की गई थी। इनमें शिकायतों के निस्तारण में लगने वाला औसत समय, डिफॉल्टर संदर्भों की स्थिति, फीडबैक का स्तर, मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य उच्चाधिकारियों से प्राप्त संदर्भों पर की गई कार्यवाही, एसपी कार्यालय में संदर्भ फीडिंग और भौतिक सत्यापन की स्थिति, तथा फील्ड विजिट रिपोर्ट व यूजर प्रोफाइल का अपडेशन प्रमुख थे। जिले की इस सफलता के पीछे पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव के कुशल निर्देशन और निरंतर मॉनिटरिंग को मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस कार्यालय से लेकर सर्किल और थाना स्तर तक ऑनलाइन व ऑफलाइन प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया गया। पुलिस का मुख्य फोकस शिकायतकर्ता को वास्तविक न्याय दिलाने और उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करने पर रहा। प्रदेश में नंबर वन आने से जिले के पुलिस महकमे में उत्साह का माहौल है। इस रैंकिंग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि तकनीक (IGRS पोर्टल) और फील्ड वर्क का सही समन्वय हो, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कम से कम समय में संभव है।


