मथुरा में रविवार रात भूतेश्वर स्थित किशोर कुंज में फाग महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप के समक्ष फूलों की होली खेली गई, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। कान्हा की नगरी में इन दिनों होली महोत्सव की रंगारंग छटा बिखरी हुई है। किशोर कुंज में आयोजित फाग महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भजन संध्या के मधुर स्वरों के साथ हुआ, जिसके बाद नृत्य-कीर्तन और पुष्प वर्षा ने माहौल को ब्रजमय बना दिया। इस महोत्सव में बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी, महिलाएं, बच्चे और श्रद्धालु शामिल हुए। रंग-बिरंगे पुष्पों की वर्षा और गुलाल की रंगत से पूरा परिसर महक उठा। श्रद्धालु ‘राधे-राधे’ और ‘श्याम नाम’ के जयकारों के बीच भक्ति रस में डूबे नजर आए। देर रात तक भजनों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं और श्रद्धालुओं ने नृत्य करते हुए फाग उत्सव का आनंद लिया। इस अवसर पर आचार्य गौरांग शर्मा ने कहा कि ब्रज मंडल में होली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उत्सव है। उन्होंने बताया कि लट्ठमार होली, फूलों की होली और रंगोत्सव राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम का प्रतीक माने जाते हैं। किशोर कुंज का यह आयोजन भी उसी पावन परंपरा का सजीव रूप बनकर सामने आया, जहां श्रद्धालुओं ने रंग, रस और भक्ति के संग ब्रज की अनूठी होली का भरपूर आनंद लिया। फाग महोत्सव ने क्षेत्र में उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।


