आरयू में यूजी रिजल्ट लंबित, पीजी में दाखिला ठप; छात्र परेशान

आरयू में यूजी रिजल्ट लंबित, पीजी में दाखिला ठप; छात्र परेशान

झारखंड की यूनिवर्सिटियों में शैक्षणिक सत्र गड़बड़ा गया है। सबसे गंभीर स्थिति रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) की है, जहां स्नातक सत्र 2022-25 का परिणाम अब तक जारी नहीं हो सका है। इस वजह से स्नातकोत्तर सत्र 2025-27 में नामांकन प्रक्रिया ठप हो गई है। अगर शैक्षणिक और परीक्षा कैलेंडर नियमित रहता तो स्नातक फाइनल का रिजल्ट जून 2025 में घोषित हो जाता और जुलाई-अगस्त में पीजी में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाती। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जनवरी 2026 से स्नातकोत्तर सत्र शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका। स्नातक फाइनल का रिजल्ट लंबित रहने के कारण करीब 30 हजार छात्र उच्च शिक्षा के अगले चरण में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। -शेष पेज 11 पर कोल्हान में 80 हजार छात्रों को एक साल देरी से मिलेगी डिग्री कोल्हान विवि में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने के बाद भी सत्र एक साल की देरी से चल रहे हैं। पहला स्नातक सत्र 2022-26 है। अब तक केवल चौथे सेमेस्टर की परीक्षा हुई है। इसका मतलब चार साल का कोर्स अब पांच साल में पूरा होगा और करीब 80 हजार छात्रों को डिग्री एक साल देरी से मिलेगी। दाखिला में विलंब इसलिए सत्र लेट एलएलबी में नामांकन प्रक्रिया में देरी के कारण सत्र में कुछ देरी हुई है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन प्रयास कर रहा है। नामांकन, परीक्षा और परिणाम समय पर होना जरूरी है। -डॉ. राम कुमार सिंह, वीसी, बीबीएमकेयू बीबीएमकेयू में एलएलबी का सत्र लेट धनबाद स्थित विनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी (बीबीएमकेयू) में एलएलबी के लगभग सभी सत्र चार से छह माह पीछे चल रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इसकी मुख्य वजह नामांकन प्रक्रिया में हुई देरी है, जिससे पूरा शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित हुआ। इससे करीब 700 से 800 छात्र प्रभावित हैं। विवि में सेशन लेट की कई वजहें कोल्हान विवि में सत्र लेट चल रहा है। इसकी कई वजहें हैं। इस गैप को भरने की कोशिश की जा रही है। वीसी स्तर से परीक्षा विभाग को समय पर परीक्षाएं और परिणाम जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। -अशोक कुमार झा, पीआरओ, कोल्हान विवि जानिए…सेशन लेट होने के तीन प्रमुख कारण झारखंड की यूनिवर्सिटियों में शैक्षणिक सत्र गड़बड़ा गया है। सबसे गंभीर स्थिति रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) की है, जहां स्नातक सत्र 2022-25 का परिणाम अब तक जारी नहीं हो सका है। इस वजह से स्नातकोत्तर सत्र 2025-27 में नामांकन प्रक्रिया ठप हो गई है। अगर शैक्षणिक और परीक्षा कैलेंडर नियमित रहता तो स्नातक फाइनल का रिजल्ट जून 2025 में घोषित हो जाता और जुलाई-अगस्त में पीजी में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाती। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जनवरी 2026 से स्नातकोत्तर सत्र शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका। स्नातक फाइनल का रिजल्ट लंबित रहने के कारण करीब 30 हजार छात्र उच्च शिक्षा के अगले चरण में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। -शेष पेज 11 पर कोल्हान में 80 हजार छात्रों को एक साल देरी से मिलेगी डिग्री कोल्हान विवि में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने के बाद भी सत्र एक साल की देरी से चल रहे हैं। पहला स्नातक सत्र 2022-26 है। अब तक केवल चौथे सेमेस्टर की परीक्षा हुई है। इसका मतलब चार साल का कोर्स अब पांच साल में पूरा होगा और करीब 80 हजार छात्रों को डिग्री एक साल देरी से मिलेगी। दाखिला में विलंब इसलिए सत्र लेट एलएलबी में नामांकन प्रक्रिया में देरी के कारण सत्र में कुछ देरी हुई है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन प्रयास कर रहा है। नामांकन, परीक्षा और परिणाम समय पर होना जरूरी है। -डॉ. राम कुमार सिंह, वीसी, बीबीएमकेयू बीबीएमकेयू में एलएलबी का सत्र लेट धनबाद स्थित विनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी (बीबीएमकेयू) में एलएलबी के लगभग सभी सत्र चार से छह माह पीछे चल रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इसकी मुख्य वजह नामांकन प्रक्रिया में हुई देरी है, जिससे पूरा शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित हुआ। इससे करीब 700 से 800 छात्र प्रभावित हैं। विवि में सेशन लेट की कई वजहें कोल्हान विवि में सत्र लेट चल रहा है। इसकी कई वजहें हैं। इस गैप को भरने की कोशिश की जा रही है। वीसी स्तर से परीक्षा विभाग को समय पर परीक्षाएं और परिणाम जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। -अशोक कुमार झा, पीआरओ, कोल्हान विवि जानिए…सेशन लेट होने के तीन प्रमुख कारण  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *