Pet Parenting Tips: पप्पी-किटन पालना है बच्चों का खेल नहीं! डॉक्टर ने बताए ये Do’s & Don’ts जो हर पेट पेरेंट को जानना चाहिए

Pet Parenting Tips: पप्पी-किटन पालना है बच्चों का खेल नहीं! डॉक्टर ने बताए ये Do’s & Don’ts जो हर पेट पेरेंट को जानना चाहिए

Pet Parenting Tips: अगर आप अपने या घर के छोटे बच्चों की डिमांड की वजह से घर में छोटा पप्पी या किटन लाने का सोच रहे हैं, या पेट पेरेंट बनने के लिए अडॉप्ट करने का फैसला कर रहे हैं, या किसी खास को पेट गिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं, तो हमारी आज की यह स्टोरी आपके लिए है। आज की इस स्टोरी में आइए PUPKITT PET CARE HOSPITAL के डॉ. अनिरुद्ध मित्तल से जानते हैं कि पेट को घर लाने से पहले किन बातों पर जरूर विचार करना चाहिए, कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए और कैसे आप सच में एक जिम्मेदार और संवेदनशील पेट पेरेंट बन सकते हैं। क्योंकि यह कदम सिर्फ खुशी का नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी का भी होता है। एक मासूम जानवर को घर लाना मतलब उसे अपने परिवार का हिस्सा बनाना, उसकी हर जरूरत और हर भावना को समझना। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या आप सच में पेट पेरेंट बनने के लिए तैयार हैं? (Are You Ready to Become a Pet Parent?)

डॉ. मित्तल के अनुसार, किसी भी पेट को घर लाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह आपसे सबसे ज्यादा दो चीजों की उम्मीद करेगा आपका समय और आपका पैसा। अक्सर लोग उत्साह में आकर तुरंत फैसला कर लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें जिम्मेदारियों का एहसास होता है। इसलिए जरूरी है कि पहले आप खुद यह तय करें कि क्या आप लंबे समय तक उसकी देखभाल के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार हैं या नहीं।

क्या आपके पास समय है? (Do You Have Enough Time for a Pet?)

जब आप किसी पप्पी या अन्य पेट को घर लाते हैं, तो उसे नियमित देखभाल, ट्रेनिंग, खेलने का समय और भावनात्मक जुड़ाव की जरूरत होती है। वह परिवार का हिस्सा बनता है और परिवार के सदस्यों की तरह ध्यान चाहता है। अगर घर में सभी लोग अपने-अपने काम में व्यस्त रहते हैं और पेट को पर्याप्त समय नहीं मिल पाता, तो वह अकेलापन महसूस कर सकता है, जिससे उसके व्यवहार और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए पहले से तय कर लेना चाहिए कि परिवार में कौन सदस्य उसकी रोजाना देखभाल करने के साथ ही समय पर उसकी जिम्मेदारी निभाएगा।

क्या आप आर्थिक रूप से तैयार हैं? (Are You Financially Ready for a Pet?)

पेट को घर लाना सिर्फ एक बार का खर्च नहीं है। खासकर उसके पहले एक साल में वैक्सीनेशन, डिवार्मिंग, नियमित चेकअप, अच्छा भोजन, ग्रूमिंग और किसी भी इमरजेंसी इलाज पर अच्छा-खासा खर्च आता है। कई बार छोटी सी लापरवाही बड़ी मेडिकल समस्या में बदल सकती है। इसलिए पेट लाने से पहले यह सोचना जरूरी है कि क्या आप नियमित रूप से उसके सभी खर्च उठा सकते हैं। ठीक वैसे ही जैसे हम किसी बच्चे की प्लानिंग करते समय उसके भविष्य और जरूरतों का बजट बनाते हैं, उसी तरह पेट के लिए भी आर्थिक तैयारी जरूरी है।

पेट कोई गिफ्ट आइटम नहीं है (Pets Are Not Gift Items)

अक्सर लोग खुशी के मौके पर किसी को पप्पी या अन्य पेट गिफ्ट कर देते हैं, लेकिन यह सोचते नहीं कि सामने वाला व्यक्ति उसकी जिम्मेदारी निभा पाएगा या नहीं। पेट कोई सजावटी वस्तु नहीं है जिसे पसंद न आने पर वापस कर दिया जाए। वह एक जीवित प्राणी है जिसकी भावनाएं और जरूरतें होती हैं। इसलिए बिना सोचे-समझे किसी को पेट गिफ्ट करना सही नहीं है।

जिम्मेदारी से भागना सही नहीं (Do Not Abandon Responsibility)

डॉ. मित्तल बताते हैं कि कई बार जब पेट बीमार हो जाता है या उसकी देखभाल में ज्यादा समय और पैसा लगने लगता है, तो कुछ लोग उसे छोड़ने की बात करने लगते हैं। यह बेहद दुखद है। अगर घर का कोई सदस्य बीमार पड़े तो हम उसे नहीं छोड़ते, बल्कि और ज्यादा ध्यान रखते हैं। उसी तरह पेट भी फैमली का हिस्सा होता है और बीमारी के समय उसे सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

फैसला सोच-समझकर लें (Think Before You Bring a Pet Home)

पेट आपको बिना शर्त प्यार, वफादारी और मानसिक सुकून देता है। जब आप दिनभर की थकान के बाद घर लौटते हैं, तो उसका मासूम स्वागत किसी भी तनाव को कम कर सकता है। लेकिन याद रखें, आपके लिए वह जिंदगी का एक हिस्सा है, जबकि उसके लिए आप ही उसकी पूरी दुनिया हैं। इसलिए अगर आप समय और आर्थिक जिम्मेदारी दोनों निभाने के लिए तैयार हैं, तभी पेट को अपने घर लाएं। एक जिम्मेदार पेट पेरेंट बनना ही सबसे बड़ा प्यार है जो आप उसे दे सकते हैं।

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