बांका के बांका टाउन थाना क्षेत्र के नयागांव में गुरुवार संध्या एक घरेलू गलती के कारण तीन लोग बीमार पड़ गए। चाय बनाते समय गलती से चाय पत्ती की जगह कीटनाशक दवा डाल दी गई, जिसे पीने से एक ही परिवार के तीन सदस्य अस्वस्थ हो गए। उन्हें तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, नयागांव निवासी अक्षय कुमार अपने घर में चाय बना रहे थे। इसी दौरान उन्होंने चाय पत्ती समझकर घर में रखी कीटनाशक दवा को चाय में डाल दिया। चाय तैयार होने के बाद अक्षय कुमार ने खुद इसका सेवन किया, और उनकी बहन पूनम कुमारी तथा दादी बिजली देवी ने भी यह चाय पी। कुछ ही देर में तीनों को उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। उनकी हालत बिगड़ती देख परिजनों ने बिना देर किए उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उनका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी मरीजों की स्थिति अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने के कारण गंभीर स्थिति टल गई। अक्षय कुमार ने बताया कि कीटनाशक दवा दिखने में चाय पत्ती जैसी थी, जिसके कारण उन्हें भ्रम हुआ और अनजाने में उन्होंने इसे चाय में डाल दिया। इस घटना ने घरों में जहरीले पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। घटना के बाद गांव में इस पर चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही, लोगों को सलाह दी जा रही है कि कीटनाशक और अन्य जहरीले पदार्थों को खाद्य सामग्री से अलग और सुरक्षित स्थान पर रखें। बांका के बांका टाउन थाना क्षेत्र के नयागांव में गुरुवार संध्या एक घरेलू गलती के कारण तीन लोग बीमार पड़ गए। चाय बनाते समय गलती से चाय पत्ती की जगह कीटनाशक दवा डाल दी गई, जिसे पीने से एक ही परिवार के तीन सदस्य अस्वस्थ हो गए। उन्हें तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, नयागांव निवासी अक्षय कुमार अपने घर में चाय बना रहे थे। इसी दौरान उन्होंने चाय पत्ती समझकर घर में रखी कीटनाशक दवा को चाय में डाल दिया। चाय तैयार होने के बाद अक्षय कुमार ने खुद इसका सेवन किया, और उनकी बहन पूनम कुमारी तथा दादी बिजली देवी ने भी यह चाय पी। कुछ ही देर में तीनों को उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। उनकी हालत बिगड़ती देख परिजनों ने बिना देर किए उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उनका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी मरीजों की स्थिति अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने के कारण गंभीर स्थिति टल गई। अक्षय कुमार ने बताया कि कीटनाशक दवा दिखने में चाय पत्ती जैसी थी, जिसके कारण उन्हें भ्रम हुआ और अनजाने में उन्होंने इसे चाय में डाल दिया। इस घटना ने घरों में जहरीले पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। घटना के बाद गांव में इस पर चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही, लोगों को सलाह दी जा रही है कि कीटनाशक और अन्य जहरीले पदार्थों को खाद्य सामग्री से अलग और सुरक्षित स्थान पर रखें।


