जिंदा बम के साथ फोटो खींचा रहे लोग:बहरागोड़ा सुवर्णरेखा घाट पर मिला है 227 किलो का बम, अब तक नहीं हुआ डिफ्यूज

जिंदा बम के साथ फोटो खींचा रहे लोग:बहरागोड़ा सुवर्णरेखा घाट पर मिला है 227 किलो का बम, अब तक नहीं हुआ डिफ्यूज

पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के बरागाड़िया पंचायत अंतर्गत पानीपड़ा-नागुड़साई स्थित सुवर्णरेखा नदी घाट पर मिले संदिग्ध जिंदा बम को निष्क्रिय करने के लिए अब तक कोई तकनीकी दस्ता मौके पर नहीं पहुंचा है। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई में हो रही देरी से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इतनी संवेदनशील स्थिति के बावजूद घटनास्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। बम के आसपास किसी तरह की घेराबंदी नहीं होने के कारण लोग बेखौफ होकर उसके करीब पहुंच रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। बम के साथ सेल्फी ले रहे ग्रामीण, बढ़ रहा जोखिम स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई ग्रामीण इस जिंदा बम को खिलौना समझकर उसके साथ सेल्फी ले रहे हैं। पत्रकारों के पहुंचने पर भी लोग उत्सुकतावश बम के पास जाकर फोटो खिंचवाने में जुटे दिखे। हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को चेतावनी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण लापरवाही बरत रहे हैं। बहरागोड़ा सर्कल के आरक्षी निरीक्षक अनिल कुमार नायक ने मौके पर पहुंचकर लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में संबंधित विभागों को सूचना दे दी गई है। सेना के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के आने के बाद ही बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सकेगा। पुरानी घटना से जुड़ा हो सकता है मामला स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह कोई नई घटना नहीं है। उनका कहना है कि वर्षों पहले इस क्षेत्र में एक विमान नीचे आया था, जिससे बड़ी मात्रा में सामग्री गिराई गई थी। उस समय प्रशासन ने अधिकांश सामान बरामद कर लिया था, लेकिन कुछ भारी वस्तुएं बालू में दब गई थीं, जिन्हें निकालना संभव नहीं हो पाया। अब नदी के बहाव के कारण वही वस्तुएं धीरे-धीरे बाहर निकल रही हैं। ग्रामीणों का मानना है कि नदी के नीचे अभी भी कई बम दबे हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन की धीमी कार्रवाई और लोगों की लापरवाही मिलकर बड़े खतरे को जन्म दे रही है।
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