दमोह. शहर के सबसे व्यस्ततम स्टेशन चौराहा पर मंगलवार की शाम को स्थानीय निवासी, दुकानदार, महिलाएं और पार्षद एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। शाम करीब ४.३० बजे शुरू हुआ प्रदर्शन पहले तो सड़क पर फट्टा डालकर बैठने से शुरू हुआ, लेकिन बढ़ते समर्थन के बाद लोगों ने चौराहे की सभी रोड को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद यह प्रदर्शन शाम ७ बजे तक रोड बंद करके चलता रहा और इसके बाद स्टेशन रोड बंद करके लोग बैठे रहे। शाम ७.३० बजे तक प्रदर्शन जारी रहा, वहीं कलेक्टर और आबकारी विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई है।
शाम 4.30 बजे सभी एकत्रित हुए
जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग द्वारा नए ठेके के तहत बस स्टैंड शराब दुकान के लिए स्टेशन चौराहे पर संचालित एक इलेक्ट्रिकल्स शॉप को चयनित किया है। जैसे ही इसकी जानकारी स्थानीय लोगों, दुकानदारों, मंदिर समितियों, महिलाओं को लगी, उन्होंने इस दुकान का उक्त स्थान पर विरोध करना शुरू कर दिया। शाम 4.30 बजे सभी एकत्रित हुए और स्टेशन चौराहा पर रेलवे स्टेशन रोड के सामने ही बैठकर प्रदर्शन करने लगे और नारेबाजी की गई। शाम 5 बजे तक जब प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचे तो भीड़ ने स्टेशन रोड के साथ-साथ सागर नाका रोड, बस स्टैंड रोड और घंटाघर रोड भी बंद कर दी। इस दौरान पुलिस ने रोका, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
एसडीएम ने कलेक्टर से बात की
शाम करीब 6 बजे तहसीलदार मौके पर पहुंचे और लोगों से उन्होंने बात की। जिस पर लोगों ने बताया कि इस चौराहे पर शराब दुकान नहीं चाहिए, इससे स्थानीय और धार्मिक माहौल बिगड़ेगा, लोगों को और महिलाओं को परेशानी होगी। स्थान बदलने का तहसीलदार ने आश्वासन दिया, लेकिन लोगों ने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद शाम करीब 6.40 बजे एसडीएम सौरभ गंधर्व ने लोगों से बातचीत की, लेकिन आश्वासन पर यहां भी बात नहीं बन सकी। मौके से एसडीएम ने कलेक्टर से बात की, जिस पर उन्होंने प्रतिनिधियों को बुलाया। इस तरह शाम 7 बजे एसडीएम के आश्वासन पर सागर नाका, बस स्टैंड और घंटाघर रोड प्रदर्शनकारियों ने खोल दिया, जबकि स्टेशन रोड को बंद कर प्रदर्शन जारी रहा। शाम 7.20 बजे कलेक्टर से बात करके प्रतिनिधि मंडल वापस मौके पर पहुंचा, जहां कलेक्टर सुधीर कोचर और आबकारी की टीम के मौके पर पहुंचने की जानकारी दी गई। शाम को 7.40 बजे तक एक रोड पर प्रदर्शनकारी जमे रहे।
स्थानीय पार्षद बालकृष्ण यादव ने बताया शराब दुकान खुलना गलत
स्थानीय पार्षद बालकृष्ण यादव ने बताया कि स्टेशन चौराहा पर शराब दुकान खुलना गलत है। इससे यहां आने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी होगी। यहां आसपास रहने वाले लोग परेशान होगी। यहां नजदीक में हिंदू, जैन मंदिर भी है, इसके अलावा मुख्य व्यापार का केंद्र यह चौराहा है। ऐसे में इस दुकान को यहां से हटाकर अन्यत्र जगह ट्रांसफर किया जाए। सुनवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है।


