जोधपुर रेंज के फलोदी में शनिवार को हुए रावल सिंह हत्याकांड के बाद रविवार को समाज के लोग मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की मोर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि मृतक के साथ पिछले साल नवंबर 2025 में बदमाशों ने रावल सिंह के साथ मारपीट कर उसके हाथ-पैर तोड़ दिए थे, लेकिन पुलिस ने मिलीभगत कर आरोपियों को थाने से ही छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। परिजनों और समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता और संविदा पर नौकरी देने की मांग की। साथ ही धरनार्थियों ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को लेकर भी नाराजगी जताई। रावल सिंह के साथ पहले भी हुई थी मारपीट की घटना मारवाड़ राजपूत समाज समाज के हनुमान सिंह खांगटा ने बताया कि उसके साथ पहले भी मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें उसके हाथ-पैर तोड़ दिए गए थे। इस मामले में पुलिस की ओर से लापरवाही बरती गई। जिसके चलते आरोपियों को जमानत मिल गई। जिसके चलते अब रावल सिंह को जान गंवानी पड़ी। इस मामले में उन्होंने मांग की है कि हम यही चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस और अपराध का गठजोड़ आ रहा नजर समाज के नेता शंभूसिंह मेड़तिया ने कहा कि इस मामले में पुलिस और अपराधियों का गठजोड़ दिख रहा है। ओसियां क्षेत्र में अपराध पनप रहा है, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस घटना से पूर्व में मृतक रावलसिंह के हाथ-पांव तोड़ दिए गए, लेकिन पुलिस, डॉक्टर आदि की मिलीभगत से आरोपियों को थाने में ही फ्री कर दिया गया। इस घटना के बाद अपराधियों के हौंसले बुलंद हुए। जिसके बाद उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दे दिया। हमारी मांग है कि इस मामले में मृतक के आश्रितों को नौकरी दी जाए, आर्थिक सहायता दी जाए। इसके साथ ही आरोपियों के मकान पर बुलडोजर चलाया जाए। हमारा साथ ही मेड़तिया ने कहा कि राजस्थान अब बिहार बन रहा है। अपराध की घटनाएं राजस्थान पर कलंक है। यदि इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। केंद्रीय और कैबिनेट मंत्री को लेकर दिखा गुस्सा मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे समाज के नेता इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से नाराज दिखे। धरने में मौजूद लोगों का कहना था कि विधानसभा क्षेत्र लोहावट का यह मामला है, लेकिन अभी तक ना वह खुद यहां पहुंचे और ना ही कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे बात करने पहुंचा। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को लेकर भी कहा कि उनको समाज के लोगों ने वोट दिए थे, लेकिन धरना स्थल पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित नहीं किया, जिसके चलते अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और अभी तक परिवार न्याय के इंतजार में है। वहीं मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को लेकर कहा कि उन्होंने उनके घर वालों से वोट की अपील की थी, वोट लिए थे। अब जब उनका बेटा चला गया, तब मंत्री कहां चले गए। उन्हें यहां आकर मदद करनी चाहिए थी। ————— रावल सिंह हत्याकांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बस स्टैंड पर युवक की गोलियों से भूनकर हत्या:नीचे गिरने पर सिर में मारी आखिरी गोली, पहले भी हमला कर तोड़ चुके थे हाथ-पैर फलोदी में बाइक सवार 3 बदमाशों ने एक युवक को गोलियों से भून दिया। एक के बाद एक युवक के गोलियां मारी। खून से लथपथ हालत में युवक जमीन पर गिर गया, तो बदमाशों ने पास जाकर सिर में गोली मार दी। तीनों बदमाश हेलमेट लगाकर आए थे। वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।(पूरी खबर पढ़ें)


