क्षुल्लकश्री नयसागर महाराज के सानिध्य में अंकुर कॉलोनी स्थित विद्या भवन में 30 दिसंबर तक योग-ध्यान-चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त योगाचार्य डॉ. नवीन जैन के मार्गदर्शन में संचालित शिविर में कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और पुरुष योग के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ के तरीके सीख रहे हैं। शिविर में ब्रह्मचारी अंकित धनेटा, ब्रह्मचारिणी रेखा एवं शशि (इंदौर) द्वारा धार्मिक कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। क्षुल्लक नयसागर महाराज ने योग को जीवन जीने की कला बताते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने वाली संपूर्ण जीवनशैली है। अष्टांग योग के सिद्धांत यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि के माध्यम से योग तनाव को कम कर आंतरिक शांति प्रदान करता है। सत्य, अहिंसा, संतोष और निष्काम कर्म का मार्ग दिखाता है। पं. पवन दीवान ने बताया कि शिविर के अंतर्गत सुबह योग कक्षाएं, दोपहर में स्वास्थ्य परामर्श, शाम को आनंद यात्रा तथा रात 8 बजे धार्मिक कक्षा और मोटिवेशनल कार्यक्रम हो रहे हैं।


