पेंड्रा शहर में बाईपास निर्माण पिछले पांच साल से अटका हुआ है। अब नगर पालिका पेंड्रा ने इस सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया है। परिषद ने पेंड्रा बाईपास का नाम बदलकर सेमरा-मरवाही बाईपास करने का निर्णय लिया है, ताकि राजनीतिक कारणों से अटके इस काम को गति मिल सके। जिला बनने के बाद पेंड्रा शहर में यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। पूर्व में पेंड्रा बाईपास के लिए सेमरा तक 56 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। हालांकि, बजट अनुमोदन और राशि आने तक जमीन की दरें बढ़ गईं, जिससे मुआवजे की राशि काफी अधिक हो गई। इसी कारण पिछले पांच सालों से यह परियोजना फंड के अभाव में अटकी हुई है। फंड के अभाव में अटकी परियोजना प्रस्ताव में तर्क दिया गया कि चूंकि पेंड्रा नगर और आसपास का क्षेत्र कोटा विधानसभा में आता है, जहां कांग्रेस के विधायक हैं, इसलिए संभव है कि कांग्रेस जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र में होने के कारण यह बाईपास सड़क नहीं बनाई जा रही हो। इस आधार पर परिषद ने बाईपास सड़क का नाम सेमरा से मरवाही बाईपास सड़क करने का प्रस्ताव पारित किया। सेमरा और मरवाही दोनों मरवाही विधानसभा में आते हैं, जहां भाजपा के विधायक हैं। परिषद का मानना है कि नाम बदलने से सरकार इस सड़क को मंजूरी दे सकती है। नगरपालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने कहा कि कांग्रेस और कोटा के कारण सरकार शायद आनाकानी कर रही है, इसलिए इसे मरवाही के नाम से जोड़ दिया गया है। उन्होंने जोर दियाकि अब सरकार को किसीभी हाल में इस सड़क का निर्माण जरूर करना चाहिए, ताकि आम जनता और राहगीरों को राहत मिल सके।


