भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। 25 मार्च को इस मामले में सुनवाई थी। पवन सिंह कोर्ट पहुंचे लेकिन ज्योति सिंह सुनवाई में शामिल नहीं हुईं। पवन सिंह कोर्ट में साफ तौर पर कहा है, ज्योति ने न सिर्फ मुझे परेशान किया है, बल्कि क्रूर तरीके से मेरे परिवार को तोड़ने की कोशिश भी की है। शादी के बाद से ही मुझे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। अब हम दोनों के एक साथ रहने का कोई चांस नहीं है। पवन सिंह के इस स्टेटमेंट के बाद ज्योति सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है । इस वीडियो में ज्योति सिंह ने हरे रंग की साड़ी पहन रखी है। मांग में सिंदूर लगा रखा है। वीडियो में ज्योति सिंह सड़क पर चल रही हैं। बैकग्राउंड में डायलॉग है, ये किसकी बातों में आ गए तुम, अपनी खुशियां खुद खा गए तुम। तुमने कहा था, तुम अलग हो सबसे। अब मैं भीड़ देख रही हूं और सोच रही हूं कि कहां हो तुम। अब यूजर्स ने क्या क्या लिखा हो जानिए ज्योति सिंह की इस रील्स पर यूजर्स तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। बब्लू नाम के यूजर ने लिखा है, पवन भइया की याद आती है आपको। तो वहीं दिलजले नाम के एक यूजर ने लिखा है कि आपको दुख देकर पवन सिंह कभी खुश नहीं रहेंगे। वहीं विनय कुमार नाम के यूजर ने लिखा है, , खुद की गलती से फंस गई हैं। चंद्रवंशी विकास नाम के यूजर ने लिखा है कि, पवन भइया को ये पसंद नहीं है कि उनकी पत्नी रील बनाए। जबकि एक यूजर ने लिखा, ज्योति जी आप अगर पवन भइया से सच्चा प्यार करती तो कभी 3 करोड़ का घर नहीं मांगती। पहली पत्नी ने 2015 में किया था सुसाइड बता दें कि पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह ने साल 2015 में आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद भोजपुरी सुपर स्टार पवन सिंह के अफेयर की चर्चा जाने-माने भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ होने लगी। इस बीच पवन सिंह ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले रामबाबू सिंह की बेटी ज्योति सिंह के साथ 7 मार्च 2018 को शादी की। इन्होंने बलिया के एक शंकर होटल से बड़े ही धूमधाम से शादी कर अपने फैंस को हैरत में डाल दिया था । लेकिन पवन की दूसरी शादी भी लंबे समय तक नहीं चल पाई। अब जानिए भोजपुरी स्टार पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक का पूरा मामला क्या है? ज्योति, पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं। अप्रैल 2022 में ज्योति सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की। पवन सिंह ने भी आरा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। 25 मार्च को सुलह की कोशिश के लिए कोर्ट में दोनों को हाजिर होना था। पवन सिंह आए लेकिन ज्योति नहीं आई। पवन सिंह बुधवार को आरा फैमिली कोर्ट पहुंचे थे, उन्होंने कोर्ट में जज से कहा, “न्यायालय जो भी फैसला देगा, मुझे मंजूर होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे वन-टाइम सेटलमेंट के लिए तैयार हैं, ताकि यह मामला जल्द से जल्द समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि ज्योति सिंह की वजह से मेरा करियर भी प्रभावित हो रहा है, मैं अपना काम भी नहीं कर पा रहा हूं। इसी वजह से मैं अब इस रिश्ते से बाहर निकलकर नई जिंदगी शुरू करना चाहता हूं। मैं ज्योति सिंह से तलाक चाहता हूं। अगर दोनों का तलाक होता है तो ज्योति को कितनी एलिमनी मिल सकती है? पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी को 8 साल हो चुके हैं। ज्योति, पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं। दरअसल, पवन सिंह की पहली शादी 2014 में नीलम सिंह से हुई थी। शादी के एक साल बाद ही नीलम ने सुसाइड कर लिया था। इसके 3 साल बाद 6 मार्च 2018 को पवन सिंह ने ज्योति से यूपी के बलिया में शादी की। शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों के रिश्तों में खटपट शुरू हो गई। अप्रैल 2022 में ज्योति सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की। पवन सिंह ने भी आरा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। फिलहाल, मामले में अगली सुनवाई 5 मई को होगी। पिछली तारीख पर ज्योति के वकील विष्णुधर पांडेय ने बताया था, ‘ज्योति सिंह ने जज से इंसाफ मांगा है। उन्होंने कहा है कि अगर पवन सिंह नहीं रखना चाहते तो मुझे 10 करोड़ रुपए और एक मकान एलिमनी (गुजारा भत्ता) के तौर पर दें।’ एलिमनी होती क्या है… जब एक व्यक्ति दूसरे को खाना, कपड़ा, घर, एजुकेशन और मेडिकल जैसी बेसिक जरूरत की चीजों के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट करता है तो उसे मेंटेनेंस (एलिमनी) यानी गुजारा भत्ता कहते हैं। हिंदू मैरेज एक्ट 1955 के तहत 2 तरह की एलिमनी (गुजारा भत्ता) होती है। अंतरिम गुजारा भत्ता: जब तक कोर्ट की कार्यवाही चल रही होती है और शुरुआत में खर्चा करने के लिए पैसा नहीं है। तब सेक्शन 24 के तहत कोर्ट का फैसला आने तक शिकायतकर्ता को गुजारा भत्ता मिलता रहता है। परमानेंट गुजारा भत्ता: सेक्शन 25 के तहत तलाक के बाद मिलने वाली एलिमनी परमानेंट भत्ता कहलाती है। इस मेंटेनेंस में स्त्रीधन शामिल नहीं होता, उस पर सिर्फ पत्नी का अधिकार होता है। भत्ता कितना होगा यह पति की आय, संपत्ति, जिम्मेदारियां आदि को देखते हुए कोर्ट तय करता है। भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। 25 मार्च को इस मामले में सुनवाई थी। पवन सिंह कोर्ट पहुंचे लेकिन ज्योति सिंह सुनवाई में शामिल नहीं हुईं। पवन सिंह कोर्ट में साफ तौर पर कहा है, ज्योति ने न सिर्फ मुझे परेशान किया है, बल्कि क्रूर तरीके से मेरे परिवार को तोड़ने की कोशिश भी की है। शादी के बाद से ही मुझे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। अब हम दोनों के एक साथ रहने का कोई चांस नहीं है। पवन सिंह के इस स्टेटमेंट के बाद ज्योति सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है । इस वीडियो में ज्योति सिंह ने हरे रंग की साड़ी पहन रखी है। मांग में सिंदूर लगा रखा है। वीडियो में ज्योति सिंह सड़क पर चल रही हैं। बैकग्राउंड में डायलॉग है, ये किसकी बातों में आ गए तुम, अपनी खुशियां खुद खा गए तुम। तुमने कहा था, तुम अलग हो सबसे। अब मैं भीड़ देख रही हूं और सोच रही हूं कि कहां हो तुम। अब यूजर्स ने क्या क्या लिखा हो जानिए ज्योति सिंह की इस रील्स पर यूजर्स तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। बब्लू नाम के यूजर ने लिखा है, पवन भइया की याद आती है आपको। तो वहीं दिलजले नाम के एक यूजर ने लिखा है कि आपको दुख देकर पवन सिंह कभी खुश नहीं रहेंगे। वहीं विनय कुमार नाम के यूजर ने लिखा है, , खुद की गलती से फंस गई हैं। चंद्रवंशी विकास नाम के यूजर ने लिखा है कि, पवन भइया को ये पसंद नहीं है कि उनकी पत्नी रील बनाए। जबकि एक यूजर ने लिखा, ज्योति जी आप अगर पवन भइया से सच्चा प्यार करती तो कभी 3 करोड़ का घर नहीं मांगती। पहली पत्नी ने 2015 में किया था सुसाइड बता दें कि पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह ने साल 2015 में आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद भोजपुरी सुपर स्टार पवन सिंह के अफेयर की चर्चा जाने-माने भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ होने लगी। इस बीच पवन सिंह ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले रामबाबू सिंह की बेटी ज्योति सिंह के साथ 7 मार्च 2018 को शादी की। इन्होंने बलिया के एक शंकर होटल से बड़े ही धूमधाम से शादी कर अपने फैंस को हैरत में डाल दिया था । लेकिन पवन की दूसरी शादी भी लंबे समय तक नहीं चल पाई। अब जानिए भोजपुरी स्टार पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक का पूरा मामला क्या है? ज्योति, पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं। अप्रैल 2022 में ज्योति सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की। पवन सिंह ने भी आरा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। 25 मार्च को सुलह की कोशिश के लिए कोर्ट में दोनों को हाजिर होना था। पवन सिंह आए लेकिन ज्योति नहीं आई। पवन सिंह बुधवार को आरा फैमिली कोर्ट पहुंचे थे, उन्होंने कोर्ट में जज से कहा, “न्यायालय जो भी फैसला देगा, मुझे मंजूर होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे वन-टाइम सेटलमेंट के लिए तैयार हैं, ताकि यह मामला जल्द से जल्द समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि ज्योति सिंह की वजह से मेरा करियर भी प्रभावित हो रहा है, मैं अपना काम भी नहीं कर पा रहा हूं। इसी वजह से मैं अब इस रिश्ते से बाहर निकलकर नई जिंदगी शुरू करना चाहता हूं। मैं ज्योति सिंह से तलाक चाहता हूं। अगर दोनों का तलाक होता है तो ज्योति को कितनी एलिमनी मिल सकती है? पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी को 8 साल हो चुके हैं। ज्योति, पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं। दरअसल, पवन सिंह की पहली शादी 2014 में नीलम सिंह से हुई थी। शादी के एक साल बाद ही नीलम ने सुसाइड कर लिया था। इसके 3 साल बाद 6 मार्च 2018 को पवन सिंह ने ज्योति से यूपी के बलिया में शादी की। शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों के रिश्तों में खटपट शुरू हो गई। अप्रैल 2022 में ज्योति सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की। पवन सिंह ने भी आरा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। फिलहाल, मामले में अगली सुनवाई 5 मई को होगी। पिछली तारीख पर ज्योति के वकील विष्णुधर पांडेय ने बताया था, ‘ज्योति सिंह ने जज से इंसाफ मांगा है। उन्होंने कहा है कि अगर पवन सिंह नहीं रखना चाहते तो मुझे 10 करोड़ रुपए और एक मकान एलिमनी (गुजारा भत्ता) के तौर पर दें।’ एलिमनी होती क्या है… जब एक व्यक्ति दूसरे को खाना, कपड़ा, घर, एजुकेशन और मेडिकल जैसी बेसिक जरूरत की चीजों के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट करता है तो उसे मेंटेनेंस (एलिमनी) यानी गुजारा भत्ता कहते हैं। हिंदू मैरेज एक्ट 1955 के तहत 2 तरह की एलिमनी (गुजारा भत्ता) होती है। अंतरिम गुजारा भत्ता: जब तक कोर्ट की कार्यवाही चल रही होती है और शुरुआत में खर्चा करने के लिए पैसा नहीं है। तब सेक्शन 24 के तहत कोर्ट का फैसला आने तक शिकायतकर्ता को गुजारा भत्ता मिलता रहता है। परमानेंट गुजारा भत्ता: सेक्शन 25 के तहत तलाक के बाद मिलने वाली एलिमनी परमानेंट भत्ता कहलाती है। इस मेंटेनेंस में स्त्रीधन शामिल नहीं होता, उस पर सिर्फ पत्नी का अधिकार होता है। भत्ता कितना होगा यह पति की आय, संपत्ति, जिम्मेदारियां आदि को देखते हुए कोर्ट तय करता है।


