मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में पटवारी संघ ने अपनी मांगों और लंबित वेतन को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 25 फरवरी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 26 फरवरी से वे माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में दी जा रही सेवाओं का बहिष्कार करेंगे। आठ दिन से हड़ताल पर पटवारी पटवारी पिछले आठ दिनों से कलमबंद हड़ताल पर हैं। संघ का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से पटवारी आर्थिक संकट में हैं। इस संबंध में जिलाध्यक्ष चेतन सिंह मरावी के नेतृत्व में मुख्य सचिव, राजस्व विभाग और शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया है कि वेतन के अभाव में पटवारियों को राशन खरीदने, बच्चों की फीस जमा करने और बैंक की किश्त चुकाने में परेशानी हो रही है। कई पटवारियों के पास परीक्षा केंद्रों तक जाने के लिए वाहनों में ईंधन भराने तक के पैसे नहीं बचे हैं। छात्र हित में अब तक निभाई ड्यूटी संघ का कहना है कि हड़ताल पर होने के बावजूद छात्र हित को देखते हुए वे अब तक कलेक्टर प्रतिनिधि की जिम्मेदारी निभा रहे थे। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण अब काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। संघ ने आरोप लगाया कि आठ दिन बीतने के बाद भी प्रशासन ने बातचीत या समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। 59 परीक्षा केंद्र, प्रशासन पर बढ़ा दबाव जिले में इस समय बोर्ड परीक्षाओं के लिए 59 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कलेक्टर प्रतिनिधि की भूमिका परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा के लिए अहम मानी जाती है। पटवारी संघ ने कहा है कि 25 फरवरी तक वे सहयोग करेंगे, इसके बाद की स्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। संघ के इस अल्टीमेटम से शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हलचल बढ़ गई है।


