पटना सिविल कोर्ट को लगातार बम से उड़ने की धमकी देने के मामले में पीरबहोर थाने की पुलिस चेन्नई, राजस्थान के जैसलमेर और उसके पास के सटे जिलों में छापेमारी कर के लौट आई है। धमकी देने वाले का कोई ट्रेस नहीं मिल पाया है। यहां तक कि किस एप या दूसरे अन्य प्लेटफार्म के जरिए धमकी दी गई थी, इसके बारे में भी पता नहीं लग पाया है। धमकी मिलने के बाद पीरबहोर और एटीएस में कैसे रजिस्टर्ड हुआ था। इसके बाद पटना पुलिस की ओर से एक टीम गठित की गई थी। जिसमें SI रैंक के दो पदाधिकारी थाने से दूसरे राज्यों में धमकी देने वाले के बारे में पता लगाने गए थे। रोज सुबह कोर्ट परिसर में सर्च पटना सिविल कोर्ट को लगातार बम से उड़ने की धमकी मिलने के बाद अब पुलिस रोज सुबह के वक्त कोर्ट में सर्च कर रही है। सुबह 7:00 से लेकर कोर्ट खुलने से पहले तक पूरे परिसर को सेनीटाइज कर दिया जा रहा है। यह कदम एहतियातन बराबर मिल रही धमकी के बाद उठाया गया है।
चेन्नई और जयपुर गई टीम टीम चेन्नई और जयपुर जा चुकी है। 2 दिन चेन्नई और 3 दिन जयपुर में पुलिस ने सस्पेक्टेड की खाक छानी। लेकिन कंक्लुजन नहीं निकल पाया। यहां 3 से 4 सस्पेक्ट से पूछताछ भी की गई। जिन लोगों से पूछताछ हुई, वह वैसे थे, जो संबंधित आईपी एड्रेस की लोकेशन में आए थे। लेकिन सत्यापन के दौरान थ्रेट से संबंधित एविडेंस नहीं मिले। पटना सिविल कोर्ट को लगातार बम से उड़ने की धमकी देने के मामले में पीरबहोर थाने की पुलिस चेन्नई, राजस्थान के जैसलमेर और उसके पास के सटे जिलों में छापेमारी कर के लौट आई है। धमकी देने वाले का कोई ट्रेस नहीं मिल पाया है। यहां तक कि किस एप या दूसरे अन्य प्लेटफार्म के जरिए धमकी दी गई थी, इसके बारे में भी पता नहीं लग पाया है। धमकी मिलने के बाद पीरबहोर और एटीएस में कैसे रजिस्टर्ड हुआ था। इसके बाद पटना पुलिस की ओर से एक टीम गठित की गई थी। जिसमें SI रैंक के दो पदाधिकारी थाने से दूसरे राज्यों में धमकी देने वाले के बारे में पता लगाने गए थे। रोज सुबह कोर्ट परिसर में सर्च पटना सिविल कोर्ट को लगातार बम से उड़ने की धमकी मिलने के बाद अब पुलिस रोज सुबह के वक्त कोर्ट में सर्च कर रही है। सुबह 7:00 से लेकर कोर्ट खुलने से पहले तक पूरे परिसर को सेनीटाइज कर दिया जा रहा है। यह कदम एहतियातन बराबर मिल रही धमकी के बाद उठाया गया है।
चेन्नई और जयपुर गई टीम टीम चेन्नई और जयपुर जा चुकी है। 2 दिन चेन्नई और 3 दिन जयपुर में पुलिस ने सस्पेक्टेड की खाक छानी। लेकिन कंक्लुजन नहीं निकल पाया। यहां 3 से 4 सस्पेक्ट से पूछताछ भी की गई। जिन लोगों से पूछताछ हुई, वह वैसे थे, जो संबंधित आईपी एड्रेस की लोकेशन में आए थे। लेकिन सत्यापन के दौरान थ्रेट से संबंधित एविडेंस नहीं मिले।


