पटना- फेक इंडियन करेंसी की जांच कर रही FSL:UAPA एक्ट के जुड़ेंगे सेक्शन, यूपी एसटीएफ-पुलिस से को-ऑर्डिनेशन; 2 लाख के जाली नोट मिले थे

पटना- फेक इंडियन करेंसी की जांच कर रही FSL:UAPA एक्ट के जुड़ेंगे सेक्शन, यूपी एसटीएफ-पुलिस से को-ऑर्डिनेशन; 2 लाख के जाली नोट मिले थे

25 मार्च को अगमकुआं थाना के टीवी टावर के पास एक गाड़ी से 2 लाख 2500 के जाली नोट बरामद किए गए थे। इसके साथ राणा लॉ, राणा कुश, अश्मित कुमार और आशुतोष नाम के शख्स पकड़े गए थे। इन लोगों ने अपनी गाड़ी में एक बैग छुपा कर रखा था। इस बैग में 100 रुपये के 20 बंडल और 500 के 5 नोट मिले थे। जो जांच के दौरान जाली पाया गया। इसके बाद पुलिस ने चारों को अरेस्ट कर लिया और डॉक्यूमेंट मांगे तो इन लोगों के द्वारा कोई वैलिड डॉक्यूमेंट्स नहीं दिया गया। अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसियों से सहयोग लिया जा रहा है। पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि इकोनामिक ऑफेंस यूनिट और रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया को इन्फॉर्म किया गया है। इकोनामिक ऑफेंस यूनिट(EOU) के ऑफिसर भी अगमकुआं थाने पर आए थे। उनके द्वारा भी रिकॉर्ड पेपर वर्क किया गया है। एफएसएल भेजे गए जाली नोट पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि पकड़े गए जाली नोट एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। एफएसएल में इस बात की जांच होगी कि पकड़े गए जाली नोट FIC (फेक इंडियन करेंसी) हाई क्वालिटी की है या नहीं। जांच के दौरान हाई क्वालिटी के नोट निकाल कर आते हैं तो UAPA एक्ट के तहत जो सेक्शन है, उसे भी ऐड किया जाएगा। फिलहाल अप पुलिस और यूपी एसटीएफ से भी बात हुई है। कोऑर्डिनेटर किया जा रहा है। अभी पटना पुलिस ही इसकी जांच कर रही है। दूसरे देशों से भी उनके कनेक्शन खंगाले जा रहे पुलिस के मुताबिक राणा लॉ इटली से पढ़ाई करने के बाद दुबई के रास्ते भारत आया और उत्तर प्रदेश से नकली नोटों की जालसाजी में शामिल हो गया। अश्मित कुमार वैशाली का रहने वाला है, जबकि आशुतोष कुमार नालंदा का निवासी है। पुलिस इनके बैकग्राउंड को भी तलाश रही है। दूसरे देशों से भी उनके कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल यूपी से लेकर इनकी निशानदेही पर अलग-अलग जगह पर पटना पुलिस की जांच जारी है। एक टीम उत्तर प्रदेश के लिए भी जाने वाली है। 25 मार्च को अगमकुआं थाना के टीवी टावर के पास एक गाड़ी से 2 लाख 2500 के जाली नोट बरामद किए गए थे। इसके साथ राणा लॉ, राणा कुश, अश्मित कुमार और आशुतोष नाम के शख्स पकड़े गए थे। इन लोगों ने अपनी गाड़ी में एक बैग छुपा कर रखा था। इस बैग में 100 रुपये के 20 बंडल और 500 के 5 नोट मिले थे। जो जांच के दौरान जाली पाया गया। इसके बाद पुलिस ने चारों को अरेस्ट कर लिया और डॉक्यूमेंट मांगे तो इन लोगों के द्वारा कोई वैलिड डॉक्यूमेंट्स नहीं दिया गया। अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसियों से सहयोग लिया जा रहा है। पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि इकोनामिक ऑफेंस यूनिट और रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया को इन्फॉर्म किया गया है। इकोनामिक ऑफेंस यूनिट(EOU) के ऑफिसर भी अगमकुआं थाने पर आए थे। उनके द्वारा भी रिकॉर्ड पेपर वर्क किया गया है। एफएसएल भेजे गए जाली नोट पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि पकड़े गए जाली नोट एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। एफएसएल में इस बात की जांच होगी कि पकड़े गए जाली नोट FIC (फेक इंडियन करेंसी) हाई क्वालिटी की है या नहीं। जांच के दौरान हाई क्वालिटी के नोट निकाल कर आते हैं तो UAPA एक्ट के तहत जो सेक्शन है, उसे भी ऐड किया जाएगा। फिलहाल अप पुलिस और यूपी एसटीएफ से भी बात हुई है। कोऑर्डिनेटर किया जा रहा है। अभी पटना पुलिस ही इसकी जांच कर रही है। दूसरे देशों से भी उनके कनेक्शन खंगाले जा रहे पुलिस के मुताबिक राणा लॉ इटली से पढ़ाई करने के बाद दुबई के रास्ते भारत आया और उत्तर प्रदेश से नकली नोटों की जालसाजी में शामिल हो गया। अश्मित कुमार वैशाली का रहने वाला है, जबकि आशुतोष कुमार नालंदा का निवासी है। पुलिस इनके बैकग्राउंड को भी तलाश रही है। दूसरे देशों से भी उनके कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल यूपी से लेकर इनकी निशानदेही पर अलग-अलग जगह पर पटना पुलिस की जांच जारी है। एक टीम उत्तर प्रदेश के लिए भी जाने वाली है।  

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