पटना डीएम ने घाटों का किया निरीक्षण:चैती छठ के लिए 54 घाटों पर कड़ी सुरक्षा, 8 घाट खतरनाक घोषित; ड्रोन-CCTV से निगरानी

पटना डीएम ने घाटों का किया निरीक्षण:चैती छठ के लिए 54 घाटों पर कड़ी सुरक्षा, 8 घाट खतरनाक घोषित; ड्रोन-CCTV से निगरानी

पटना में आगामी त्योहारों चैती दुर्गापूजा, चैती छठ, रामनवमी एवं बिहार दिवस को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी, पटना और वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। साथ ही घाटों पर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप और समय रहते तरीके से सुनिश्चित की जाएं। 22-25 मार्च तक मनाया जाएगा चैती छठ महापर्व इस वर्ष चैती छठ महापर्व 22 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक मनाया जाएगा। इस दौरान घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और सुविधा व्यवस्था की है। 54 गंगा घाटों को 19 सेक्टर में बांटकर की गई तैयारी जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ गंगा घाटों का निरीक्षण किया। दानापुर से पटना सिटी तक लगभग 54 गंगा घाटों को 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर में सेक्टर पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात किए गए हैं, जो घाटों की व्यवस्था, सुरक्षा और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। संपर्क पथों की सुगमता, साफ-सफाई एवं स्वच्छता, बैरिकेडिंग, शौचालय एवं पेयजल सुविधा, पर्याप्त लाइट व्यवस्था, ड्रोन, CCTV और रिवर पेट्रोलिंग से होगी निगरानी, नदी में लगातार रिवर पेट्रोलिंग, SDRF, NDRF टीम और गोताखोरों की तैनाती, मेडिकल टीम और आपातकालीन सेवाएं 24×7 सक्रिय, विभिन्न घाटों पर 8 SDRF टीमों को 2-2 मोटर बोट और आवश्यक संसाधनों के साथ तैनात किया गया है। जिला प्रशासन, पटना ने चैती छठ पर्व, 2026 के अवसर पर गंगा नदी के 8 घाटों को विभिन्न मानकों यथा नदी का कटाव, जल-स्तर आदि के आधार पर खतरनाक घाट घोषित किया गया है। इन घाटों का उपयोग प्रतिबंधित है। जिलाधिकारी, पटना द्वारा पदाधिकारियों को इन घाटों को लाल रंग से घेर कर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। जन सुरक्षा के दृष्टिकोण से आम जनता से अनुरोध है कि इन घाटों की ओर न जाएं। निजी नावों के परिचालन रहेगा पूरी तरह बंद 22 मार्च के पूर्वाह्न से 25 मार्च तक नदियों में निजी नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल एवं अंचल अधिकारियों को इसका सख्ती से अनुपालन कराने और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। स्वयंसेवकों और आपात सेवाओं की तैनाती प्रशासन ने ग्राम रक्षा दल, नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों, नाविकों और गोताखोरों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। सभी घाटों पर लाइफ जैकेट, महाजाल और अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: जिला नियंत्रण कक्ष: 0612-2219810 / 2219234 डायल-112 जिला आपातकालीन संचालन केंद्र: 0612-2210118 पटना में आगामी त्योहारों चैती दुर्गापूजा, चैती छठ, रामनवमी एवं बिहार दिवस को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी, पटना और वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। साथ ही घाटों पर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप और समय रहते तरीके से सुनिश्चित की जाएं। 22-25 मार्च तक मनाया जाएगा चैती छठ महापर्व इस वर्ष चैती छठ महापर्व 22 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक मनाया जाएगा। इस दौरान घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और सुविधा व्यवस्था की है। 54 गंगा घाटों को 19 सेक्टर में बांटकर की गई तैयारी जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ गंगा घाटों का निरीक्षण किया। दानापुर से पटना सिटी तक लगभग 54 गंगा घाटों को 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर में सेक्टर पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात किए गए हैं, जो घाटों की व्यवस्था, सुरक्षा और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। संपर्क पथों की सुगमता, साफ-सफाई एवं स्वच्छता, बैरिकेडिंग, शौचालय एवं पेयजल सुविधा, पर्याप्त लाइट व्यवस्था, ड्रोन, CCTV और रिवर पेट्रोलिंग से होगी निगरानी, नदी में लगातार रिवर पेट्रोलिंग, SDRF, NDRF टीम और गोताखोरों की तैनाती, मेडिकल टीम और आपातकालीन सेवाएं 24×7 सक्रिय, विभिन्न घाटों पर 8 SDRF टीमों को 2-2 मोटर बोट और आवश्यक संसाधनों के साथ तैनात किया गया है। जिला प्रशासन, पटना ने चैती छठ पर्व, 2026 के अवसर पर गंगा नदी के 8 घाटों को विभिन्न मानकों यथा नदी का कटाव, जल-स्तर आदि के आधार पर खतरनाक घाट घोषित किया गया है। इन घाटों का उपयोग प्रतिबंधित है। जिलाधिकारी, पटना द्वारा पदाधिकारियों को इन घाटों को लाल रंग से घेर कर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। जन सुरक्षा के दृष्टिकोण से आम जनता से अनुरोध है कि इन घाटों की ओर न जाएं। निजी नावों के परिचालन रहेगा पूरी तरह बंद 22 मार्च के पूर्वाह्न से 25 मार्च तक नदियों में निजी नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल एवं अंचल अधिकारियों को इसका सख्ती से अनुपालन कराने और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। स्वयंसेवकों और आपात सेवाओं की तैनाती प्रशासन ने ग्राम रक्षा दल, नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों, नाविकों और गोताखोरों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। सभी घाटों पर लाइफ जैकेट, महाजाल और अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: जिला नियंत्रण कक्ष: 0612-2219810 / 2219234 डायल-112 जिला आपातकालीन संचालन केंद्र: 0612-2210118  

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