गोरखपुर में रविवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम नागरिकों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम गोरखनाथ मंदिर परिसर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और मांगें लेकर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर करीब 150 लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। किसी ने पारिवारिक विवाद की बात रखी, तो किसी ने सामाजिक और आर्थिक परेशानी बताई। बड़ी संख्या में लोग इलाज के खर्च के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर आए थे।
‘पैसे की कमी से इलाज नहीं रुकेगा’
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी मरीज के उपचार में बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इलाज के लिए पैसे की जरूरत है, उनके अस्पताल से इलाज का अनुमान (एस्टिमेट) जल्द तैयार कराया जाए और उसे सरकार को भेजा जाए. ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आयुष्मान कार्ड बनाने पर जोर
सीएम ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड समय पर बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि कई जरूरतमंद अब भी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, ऐसे मामलों की पहचान कर तत्काल कार्ड जारी किए जाएं, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
शिकायतों के निस्तारण की तय समय-सीमा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाना और समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों की समस्याएं दर्ज की गईं और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। ‘जनता दर्शन’ को सरकार जनसंवाद का प्रभावी मंच मानती है, जहां आम नागरिक सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं।


