बक्सर के गोलंबर स्थित एशिया पैसिफिक हेल्थकेयर हॉस्पिटल में सोमवार रात एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक की पहचान औद्योगिक थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी 55 वर्षीय कृष्णा यादव के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, कृष्णा यादव को सर्दी-खांसी और जुकाम की शिकायत थी। वे सोमवार सुबह स्वयं रिक्शा से एशिया पैसिफिक हेल्थकेयर हॉस्पिटल पहुंचे थे। परिजन ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, फिर भी मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि दोपहर बाद जब डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, तब तक मरीज की हालत बिगड़ चुकी थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने मरीज को रेफर कर दिया। आरोप है कि रेफर करने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने भुगतान को लेकर मरीज और उसके परिजनों को काफी देर तक रोके रखा। इस देरी के कारण मरीज की हालत और बिगड़ गई। सदर अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में ही कृष्णा यादव की मौत हो गई। दोषियों पर कार्रवाई की मांग मरीज की मौत की खबर फैलते ही आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया और अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों ने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पर नगर थाना, औद्योगिक थाना और मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाज में लापरवाही पाए जाने पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट जांच में सहायक होगी। बक्सर के गोलंबर स्थित एशिया पैसिफिक हेल्थकेयर हॉस्पिटल में सोमवार रात एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक की पहचान औद्योगिक थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी 55 वर्षीय कृष्णा यादव के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, कृष्णा यादव को सर्दी-खांसी और जुकाम की शिकायत थी। वे सोमवार सुबह स्वयं रिक्शा से एशिया पैसिफिक हेल्थकेयर हॉस्पिटल पहुंचे थे। परिजन ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, फिर भी मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि दोपहर बाद जब डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, तब तक मरीज की हालत बिगड़ चुकी थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने मरीज को रेफर कर दिया। आरोप है कि रेफर करने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने भुगतान को लेकर मरीज और उसके परिजनों को काफी देर तक रोके रखा। इस देरी के कारण मरीज की हालत और बिगड़ गई। सदर अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में ही कृष्णा यादव की मौत हो गई। दोषियों पर कार्रवाई की मांग मरीज की मौत की खबर फैलते ही आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया और अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों ने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पर नगर थाना, औद्योगिक थाना और मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाज में लापरवाही पाए जाने पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट जांच में सहायक होगी।


