लखनऊ के विभूतिखंड स्थित लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने के आई बहनों के साथ मारपीट की गई। गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने का विरोध करने पर स्टाफ उग्र हो गया। इसके बाद सिक्योरिटी बुलाकर बहनों को बुरी तरह पीट दिया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। तकरोही अमराई गांव निवासी पीड़िता शनिवार शाम करीब 7 बजे अपनी छोटी बहन को इमरजेंसी में दिखाने आई थी। वहां मौजूद नर्स पीड़िता की बहन की नस में इंजेक्शन लगा रही थी। कई बार अलग-अलग जगह इंजेक्शन लगाया लेकिन लगा नहीं पाई। जिसकी वजह से उसके हाथ से कई जगह खून निकलने लगा। इस पर पीड़िता ने विरोध किया तो बहन के बैक साइड इतना तेज इंजेक्शन लगाया कि वो दर्द से चिल्ला दी। पूरे मामले की शिकायत करने की बात कही तो महिला ने थप्पड़ मार दिया। इसके बाद कंपाउडर और सिक्योरिटी गार्ड मिलकर मारने पीटने लगे। फिर वहां पर 4-5 पांच अन्य डॉक्टर और 8-10 अज्ञात सिक्योरिटी व कर्मचारी आ गए। जिनका वीडियो बनाने का प्रयास किया मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। दोनों बहनों का कपड़ा फाड़ दिया मारपीट कर रहे सिक्योरिटी गार्डों ने दोनों बहनों का कपड़ा फाड़ दिया। इसके बाद प्राइवेट पार्ट को गलत तरीके से छूया। दोनों ने आपत्ति जताई तो उल्टा जेल भेजने की धमकी देने लगे। दोनों बहनें मदद के लिए चौकी पहुंची तो वहां मौजूद दीवान जय प्रकाश उर्फ जेपी अभद्रता करने लगा। सिक्योरिटी गार्डों और वकीलों में हुई नोकझोंक सुनवाई न होने पर युवती ने अपने साथी वकीलों को बुलाया। जहां पुलिस व वकीलों के बीच नोकझोंक हुई। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तो मामला शांत हो गया। इस दौरान एक आरोपी गार्ड दिखाई दिया। जिसे गुस्साए वकीलों ने पीट दिया। चार घंटे बाद पहुंचे विभूतिखंड प्रभारी लोहिया परिसर में करीब चार घंटे तक विवाद चलता रहा। कई बार दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। लेकिन चौकी प्रभारी के अलावा बाकी टीम नदारत दिखी। घटना की जानकारी मिलने के चार घंटे बाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इसके पहले काफी मामला तूल पकड़ चुका था। इसके बाद चौकी में बैठकर पीड़ित पक्ष की बात सुनी। मामले में थाना प्रभारी विभूतिखंड अमर सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।


