पटेल नहीं, मराठी बने… सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनते ही राज ठाकरे का पोस्ट, NCP बोली- आपसे किसी ने पूछा

पटेल नहीं, मराठी बने… सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनते ही राज ठाकरे का पोस्ट, NCP बोली- आपसे किसी ने पूछा

महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ तब आया जब सुनेत्रा पवार (62) ने राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। दिवंगत अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद खाली हुए इस पद की जिम्मेदारी अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार संभाल रही हैं। सुनेत्रा पवार के शनिवार को शपथ लेने के साथ ही सियासी बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है। जिस वजह से मनसे (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और एनसीपी (अजित पवार) नेता अमोल मिटकरी आमने-सामने आ गए हैं।

एनसीपी अध्यक्ष मराठी होना चाहिए- राज ठाकरे

सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बाद राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र की राजनीति जिस दिशा में जा रही है, उस पर टिप्पणी करने का उनका मन नहीं था, लेकिन वर्तमान घटनाक्रमों पर बोलना जरूरी है।

राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट में कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) मराठी अस्मिता पर आधारित है, उसका नेतृत्व किसी मराठी व्यक्ति के हाथ में होना चाहिए। उन्होंने लिखा, “एनसीपी का प्रेसिडेंट मराठी होना चाहिए, पाटिल होना चाहिए, लेकिन पटेल नहीं।” उनका यह निशाना सीधे तौर पर अजित गुट के कद्दावर नेता व सांसद प्रफुल्ल पटेल की ओर था, जो पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

एनसीपी का पलटवार- अपनी सलाह अपनी पार्टी को दें

राज ठाकरे के इस बयान पर एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि राज ठाकरे को इस संवेदनशील समय में ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। मिटकरी ने कहा कि पार्टी ने उनसे कोई सलाह नहीं मांगी है और बेहतर होगा कि वह अपनी सलाह अपनी ही पार्टी को दें।

अमोल मिटकरी ने यह भी कहा कि राज ठाकरे खुद एक राजनीतिक दल के मुखिया हैं। अगर उनकी पार्टी में ऐसी कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होती और हम ऐसी ही टिप्पणी करते तो कहा जाता कि हममें इंसानियत नहीं है। एनसीपी के भीतर क्या हो रहा है, यह तय करना पार्टी का आंतरिक मामला है।

मिटकरी ने आगे कहा, “हमारी पार्टी में ब्राह्मण, गुजराती, मारवाड़ी, मराठा, अलग-अलग सामाजिक समूहों के सदस्य, मुस्लिम, सभी जातियों और जनजातियों के लोग हैं। सभी की सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री और ग्रुप लीडर चुना गया है। सुनेत्रा जी का बचपन से ही राजनीतिक बैकग्राउंड रहा है। वह राजनीति में नई या अचानक आई हुई शख्सियत नहीं हैं। यह सिर्फ कुर्सी की बात नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना था कि अगर कोई अजित पवार की जगह जिम्मेदारी संभालने में सक्षम, सक्रिय और तैयार है, तो वह सिर्फ सुनेत्रा पवार ही हैं।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया है कि जो विभाग एनसीपी के पास पहले थे, वही आगे भी पार्टी के पास रहेंगे।

एनसीपी कार्यकर्ताओं और नेताओं का मानना है कि अजित पवार के निधन के बाद पैदा हुए शून्य को भरने के लिए सुनेत्रा पवार ही सबसे सक्षम और सक्रिय चेहरा हैं। पार्टी के भीतर यह राय बनी कि वह न केवल परिवार की विरासत को संभाल सकती हैं, बल्कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार हैं। एनसीपी नेता ने कहा कि वर्तमान में पूरी पार्टी अभी भी अजित पवार के निधन के सदमे से उबरने की कोशिश कर रही है।

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