राजगीर के नवारक्षी प्रशिक्षण केंद्र (RTC) में सीआरपीएफ के 58वें बैच का दीक्षांत समारोह(समारोह (Passing Out Parade) का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए जवानों के परिजन और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। समारोह में कुल 1340 नवारक्षी देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए शपथ लेंगे और विधिवत रूप से बल में शामिल होंगे। 44 सप्ताह का कड़ा प्रशिक्षण इन जवानों का प्रशिक्षण 17 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था। करीब 44 सप्ताह के दौरान इन्हें बल के अनुशासन के साथ-साथ सहनशक्ति, निहत्थी लड़ाई (Unarmed Combat) और हथियार चलाने का कड़ा अभ्यास कराया गया है। विशेष रूप से इन्हें चार सप्ताह का ‘जंगल वारफेयर’ और एक सप्ताह का ‘जंगल सर्वाइवल’ प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहकर भी दुश्मनों का डटकर मुकाबला कर सके। साथ ही, इन्हें जीपीएस, भीड़ नियंत्रण, मानवाधिकार और आपदा प्रबंधन के गुर भी सिखाए गए हैं। 6 जनवरी को हुई थी रिहर्सल मुख्य समारोह से पूर्व 6 जनवरी को प्राचार्य परेड (फुल ड्रेस रिहर्सल) का आयोजन किया गया था, जिसका निरीक्षण डीआईजी सह प्राचार्य निखिल रस्तोगी ने किया था। उन्होंने जवानों के जोश और तैयारियों की सराहना की थी। इन्हें मिलेगा सम्मान प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को आज सम्मानित किया जाएगा। इनमें सिपाही जीडी मोहित कुमार (सर्वोत्तम फायरर), सिपाही जीडी बासुदेव भोई (सर्वोत्तम स्पोर्ट्समैन), सिपाही जीडी ज्योतिरादित्य मंगोत्रा (सर्वोत्तम बी.ओ.ए.सी.), सिपाही जीडी मृत्युंजय कुमार (सर्वोत्तम ड्रिल इंस्ट्रक्टर) और सिपाही जीडी दिलीप कुमार (सर्वोत्तम पी.टी.आई.) शामिल हैं। समारोह को लेकर पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। राजगीर के नवारक्षी प्रशिक्षण केंद्र (RTC) में सीआरपीएफ के 58वें बैच का दीक्षांत समारोह(समारोह (Passing Out Parade) का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए जवानों के परिजन और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। समारोह में कुल 1340 नवारक्षी देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए शपथ लेंगे और विधिवत रूप से बल में शामिल होंगे। 44 सप्ताह का कड़ा प्रशिक्षण इन जवानों का प्रशिक्षण 17 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था। करीब 44 सप्ताह के दौरान इन्हें बल के अनुशासन के साथ-साथ सहनशक्ति, निहत्थी लड़ाई (Unarmed Combat) और हथियार चलाने का कड़ा अभ्यास कराया गया है। विशेष रूप से इन्हें चार सप्ताह का ‘जंगल वारफेयर’ और एक सप्ताह का ‘जंगल सर्वाइवल’ प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहकर भी दुश्मनों का डटकर मुकाबला कर सके। साथ ही, इन्हें जीपीएस, भीड़ नियंत्रण, मानवाधिकार और आपदा प्रबंधन के गुर भी सिखाए गए हैं। 6 जनवरी को हुई थी रिहर्सल मुख्य समारोह से पूर्व 6 जनवरी को प्राचार्य परेड (फुल ड्रेस रिहर्सल) का आयोजन किया गया था, जिसका निरीक्षण डीआईजी सह प्राचार्य निखिल रस्तोगी ने किया था। उन्होंने जवानों के जोश और तैयारियों की सराहना की थी। इन्हें मिलेगा सम्मान प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को आज सम्मानित किया जाएगा। इनमें सिपाही जीडी मोहित कुमार (सर्वोत्तम फायरर), सिपाही जीडी बासुदेव भोई (सर्वोत्तम स्पोर्ट्समैन), सिपाही जीडी ज्योतिरादित्य मंगोत्रा (सर्वोत्तम बी.ओ.ए.सी.), सिपाही जीडी मृत्युंजय कुमार (सर्वोत्तम ड्रिल इंस्ट्रक्टर) और सिपाही जीडी दिलीप कुमार (सर्वोत्तम पी.टी.आई.) शामिल हैं। समारोह को लेकर पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है।


