पूर्णिया के डगरूआ में 10वीं की छात्रा के साथ हुई दरिंदगी मामले पर सांसद पप्पू यादव ने स्पीड ट्रायल चलाकर 3 महीने के अंदर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। सांसद ने कहा कि जिस तरह से छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया। विरोध करने पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई । पहचान छिपाने के लिए शव को तेजाब से जला दिया गया, पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घृणित कांड की जितनी भी निंदा की जाए कम है। बतौर सांसद मेरी ये मांग है कि इसमें जो भी पुलिस वाले इंवॉल्वड हैं, उन्हें सस्पेंड किया जाए। साथ ही सरकार ये बताए कि बिहार में बच्चियों के साथ बलात्कार कब तक होता रहेगा। क्या बिहार में ट्यूशन स्कूल, कोचिंग में पढ़ने वाली लड़कियां सुरक्षित है। सरकार कौन चला रहा है, इंस्पेक्टर अधिकारी या गुंडे। डगरूआ में गैंगरेप और मर्डर की घटना कोई नई नहीं, बल्कि इससे पहले भी दो घटनाएं हो चुकी है। इससे पहले भी बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ। इसके बाद आर्केस्ट्रा डांसर से गैंगरेप हुआ। ये पुलिस की सबसे बड़ी कमजोरी है। क्या किसी भी बच्ची के मामले को पुलिस प्रेम प्रसंग से जोड़ रही है। पुलिस बचने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही है। जिस दिन ये बंद हुआ बिहार को एक नई आजादी मिलेगी। शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की सांसद पप्पू यादव ने आगे कहा कि 11 अक्टूबर को बच्ची का किडनैप हुआ और 20 को बॉडी मिला। परिजनों का आरोप है कि इसमें पुलिस की लापरवाही है। ऐसे मामलों को पुलिस हल्के में लेती है और लड़की और उसके परिवार वालों पर सवाल खड़ी करती है, जिस वजह से इस तरह की घटना हो रही है। रात में बच्ची को घर से ले गए, लड़की को होटल में रखा। होटल में गैंगरेप और फिर मक्का खेत में तेजाब डालकर जला दिया गया। मैं बिहार के लोगों से आग्रह करूंगा कि बिहार की बेटी और बहनों को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो सरकार और प्रशासन के भरोसे मत रहें। सबकी गिद्ध दृष्टि बच्ची पर रहती है। पुलिस और सरकार खुद को बचाने के लिए बच्ची को बली का बकरा बनाती है। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस एक्शन लेती तो बच्ची बच सकती थी। पुलिस सुस्ती से काम करती रही, जिस वजह से घटना घटी। जिस थाना क्षेत्र में इस तरह की घटना घटे, उस क्षेत्र के थाना प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा, इस तरह की घटनाएं नहीं रुकेगी। मैंने आईजी से आग्रह किया है कि इसकी हाई लेवल जांच हो। जो भी दोषी है, उन्हें सख्त सजा दी जाए। परिवार के साथ खड़ा हूं पप्पू यादव ने कहा कि इससे बड़ा अपराध कभी हुआ। सामूहिक बलात्कार के बाद मारा गया और तेजाब डालकर शरीर जला दिया गया और हम हाथ पर हाथ रखकर घर पर बैठे हैं। इससे बड़ा दुखद कुछ नहीं हो सकता। घटना की जानकारी मिलने पर वे खुद पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे और न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक मदद दी। घटना बेहद दुखद, शर्मनाक और मानवता को शर्मसार करने वाला है। इस तरह की वारदात किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। पूर्णिया के डगरूआ में 10वीं की छात्रा के साथ हुई दरिंदगी मामले पर सांसद पप्पू यादव ने स्पीड ट्रायल चलाकर 3 महीने के अंदर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। सांसद ने कहा कि जिस तरह से छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया। विरोध करने पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई । पहचान छिपाने के लिए शव को तेजाब से जला दिया गया, पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घृणित कांड की जितनी भी निंदा की जाए कम है। बतौर सांसद मेरी ये मांग है कि इसमें जो भी पुलिस वाले इंवॉल्वड हैं, उन्हें सस्पेंड किया जाए। साथ ही सरकार ये बताए कि बिहार में बच्चियों के साथ बलात्कार कब तक होता रहेगा। क्या बिहार में ट्यूशन स्कूल, कोचिंग में पढ़ने वाली लड़कियां सुरक्षित है। सरकार कौन चला रहा है, इंस्पेक्टर अधिकारी या गुंडे। डगरूआ में गैंगरेप और मर्डर की घटना कोई नई नहीं, बल्कि इससे पहले भी दो घटनाएं हो चुकी है। इससे पहले भी बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ। इसके बाद आर्केस्ट्रा डांसर से गैंगरेप हुआ। ये पुलिस की सबसे बड़ी कमजोरी है। क्या किसी भी बच्ची के मामले को पुलिस प्रेम प्रसंग से जोड़ रही है। पुलिस बचने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही है। जिस दिन ये बंद हुआ बिहार को एक नई आजादी मिलेगी। शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की सांसद पप्पू यादव ने आगे कहा कि 11 अक्टूबर को बच्ची का किडनैप हुआ और 20 को बॉडी मिला। परिजनों का आरोप है कि इसमें पुलिस की लापरवाही है। ऐसे मामलों को पुलिस हल्के में लेती है और लड़की और उसके परिवार वालों पर सवाल खड़ी करती है, जिस वजह से इस तरह की घटना हो रही है। रात में बच्ची को घर से ले गए, लड़की को होटल में रखा। होटल में गैंगरेप और फिर मक्का खेत में तेजाब डालकर जला दिया गया। मैं बिहार के लोगों से आग्रह करूंगा कि बिहार की बेटी और बहनों को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो सरकार और प्रशासन के भरोसे मत रहें। सबकी गिद्ध दृष्टि बच्ची पर रहती है। पुलिस और सरकार खुद को बचाने के लिए बच्ची को बली का बकरा बनाती है। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस एक्शन लेती तो बच्ची बच सकती थी। पुलिस सुस्ती से काम करती रही, जिस वजह से घटना घटी। जिस थाना क्षेत्र में इस तरह की घटना घटे, उस क्षेत्र के थाना प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा, इस तरह की घटनाएं नहीं रुकेगी। मैंने आईजी से आग्रह किया है कि इसकी हाई लेवल जांच हो। जो भी दोषी है, उन्हें सख्त सजा दी जाए। परिवार के साथ खड़ा हूं पप्पू यादव ने कहा कि इससे बड़ा अपराध कभी हुआ। सामूहिक बलात्कार के बाद मारा गया और तेजाब डालकर शरीर जला दिया गया और हम हाथ पर हाथ रखकर घर पर बैठे हैं। इससे बड़ा दुखद कुछ नहीं हो सकता। घटना की जानकारी मिलने पर वे खुद पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे और न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक मदद दी। घटना बेहद दुखद, शर्मनाक और मानवता को शर्मसार करने वाला है। इस तरह की वारदात किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है।


